पाटलिपुत्र के नाम से बसेगा नया शहर
-निवेश और रोजगार के अवसरों को मिलेगा बढ़ावा
-विस्तार से ग्रेटर पटना का सपना होगा साकार
भारत पोस्ट संवाददाता
पटना। बुधवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार राजधानी पटना के लिए शहरी विकास के एक बड़े मॉडल पर काम कर रही हैए जिसे भविष्य में पाटलिपुत्र के नाम से जाना जाएगा। फुलवारी शरीफ के नदियावां गांव में एक जन कल्याण शिविर में बोलते हुए, चौधरी ने बुनियादी ढांचे कानून.व्यवस्था, औद्योगिक विकास और कल्याणकारी उपायों पर सरकार की योजनाओं के बारे में बताया। चौधरी ने कहा कि सरकार पटना का विस्तार करने और राजधानी के इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाने के एक बड़े विज़न के तहत नए टाउनशिप विकसित कर रही है।
उन्होंने कहा कि ग्रेटर पटना का कॉन्सेप्ट पाटलिपुत्र नाम से तैयार किया गया था, जिसका मकसद शहर के भविष्य के विकास को उसकी ऐतिहासिक पहचान से जोड़ना था। शहर के कई हिस्सों, जैसे कंकरबाग, में पानी जमा होने जैसी पुरानी चुनौतियों का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अब शहरी प्लानिंग का फ़ोकस बुनियादी इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने पर होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून.व्यवस्था बनाए रखना सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में से एक है। उन्होंने कहा कि प्रशासन आपराधिक गतिविधियों के ख़िलाफ़ सख्ती से कार्रवाई जारी रखेगा और लोगों की सुरक्षाए खासकर महिलाओं से जुड़े मामलों में, सुनिश्चित करेगा। भोजपुर के हालिया मामले का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि आरोपी को गिरफ़्तार कर लिया गया है और भरोसा दिलाया कि ऐसे मामलों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि अचानक आए संकट, प्राकृतिक आपदाओं या शादी.ब्याह जैसी ज़रूरी सामाजिक ज़िम्मेदारियों का सामना कर रहे परिवारों को तुरंत मदद पहुँचाने के लिए ज़िलाधिकारियों को विशेष अधिकार दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि इस कदम का मकसद मुश्किल हालात में समय पर मदद सुनिश्चित करना है। चौधरी ने कहा कि औद्योगिक विस्तार और टाउनशिप विकास से बिहार में निवेश आकर्षित करने और रोज़गार के अवसर पैदा करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि सरकार को उम्मीद है कि इन पहलों से राज्य की आर्थिक वृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।


