12 फरवरी की आम हड़ताल, शामिल नहीं होगा एन एफ आई टी यू : अध्यक्ष

 

सुनील बाजपेई
कानपुर। आगामी 12 फरवरी को प्रस्तावित आम हड़तालपूर्ण रूप से राजनीतिक उ‌द्देश्यों से प्रेरित है।
इसीलिए एन एफ आई टी यू और उससे सम्बद्ध श्रमिक संगठन इसमें कदापि शामिल नहीं होंगे। नेशनल फ्रंट ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन्स (एन एफ आई टी यू ) के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. दीपक कुमार जायसवाल ने इस बारे में घोषणा करते हुए कहा कि 12 फरवरी 2026 को कुछ राजनैतिक श्रमिक संगठनों द्वारा प्रस्तावित आम हड़ताल प्रत्यक्ष रूप से राजनीतिक उ‌द्देश्यों से प्रेरित है। उन्होंने बताया कि
एन एफ आई टी यू भारत सरकार से मान्यता प्राप्त, ग्लोबल कॉरिलेशन फॉर सोशल जस्टिस का सदस्य तथा एक गैर-राजनीतिक केंद्रीय श्रमिक संगठन है। जो कि संगठन श्रमिकों के वास्तविक हितों, औद्योगिक शांति, सामाजिक सुरक्षा तथा राष्ट्रीय हित को सर्वोपरि मानते हुए कार्य करता है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. दीपक कुमार जायसवाल ने बताया कि इसीलिए एन एफ आई टी यू से सम्बद्ध क्षेत्रीय एवं राष्ट्रीय श्रमिक संगठन इस हड़ताल में भाग नहीं ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस संबंधमें देश भर में सभी संबद्ध यूनियनों, औ‌द्योगिक फेडरेशनों तथा राज्य एवं जिला इकाइयों को अपने सदस्यों को नियमित रूप से कार्यस्थलों पर उपस्थित रहते हुए हरताल में भाग न लेने के स्पष्ट निर्देश जारी किए जा चुके हैं।
राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. दीपक कुमार जायसवाल ने यह भी कहा कि एन एफ आई टी यू का स्पष्ट मत है कि इस प्रकार की हडतालों से श्रमिकों को कार्यदिवसों की हानि, वेतन पर प्रतिकूल प्रभाव तथा औ‌द्योगिक गतिविधियों में बाधा का सामना करना पड़ता है; साथ ही इससे देश की अर्थव्यवस्था, औ‌द्योगिक उत्पादन, सार्वजनिक सेवाओं और समग्र राष्ट्रीय हितों को भी गंभीर नुकसान पहुँचता है। उन्होंने स्पष्ट रूप से यह भी कहा कि संगठन का दृढ विश्वास है कि राष्ट्रहित सर्वोपरि है, और श्रमिकों के दीर्घकालिक हित भी तभी सुरक्षित रह सकते हैं जब औ‌द्योगिक प्रगति, रोजगार सृजन और आर्थिक स्थिरता बनी रहे।
नेशनल फ्रंट ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन्स (एन एफ आई टी यू ) के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. दीपक कुमार जायसवाल ने संबंधित श्रमिक संगठनों से हड़ताल में शामिल नहीं होने की अपील करते हुए यह भी कहा कि श्रमिकों की समस्याओं का समाधान हड़ताल जैसे कदमों से नहीं, बल्कि आपसी संवाद, परामर्श, सामाजिक साझेदारी तथा समयबद्ध और परिणामोन्मुख निर्णय प्रक्रिया के माध्यम से ही संभव है। उन्होंने बताया कि एन एफ आई टी यू का मुख्य एजेंडा युवाओं एवं महिलाओं के लिए रोजगार के अवसरों का सृजन, ‘सम्मानजनक कार्य का संवर्धन, सभी श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा का प्रभावी एवं सार्वभौमिक कवरेज सुनिश्चित करना, कौशल विकास के माध्यम से श्रमिकों की रोजगार में वृद्धि करना, युवा, औ‌द्योगिक एवं कार्यस्थल सुरक्षा को सुदृढ़ करना है। यही जनहित का यही इरादा पूरा करने में नेशनल फ्रंट ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन्स (एन एफ आई टी यू) सफलता पूर्वक लगातार संघर्षरत भी है।

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