चाय बागान श्रमिकों के अधिकारों के लिए एचपीडब्ल्यूयू का प्रदर्शन, सरकार से हस्तक्षेप की मांग
### *घैयाबाड़ी न्यू कमान चाय बागान में गेट मीटिंग, पीएफ, ग्रेच्युटी और न्यूनतम मजदूरी लागू करने की उठी मांग*
*घैयाबाड़ी।* हिमालयन प्लांटेशन वर्कर्स यूनियन (एचपीडब्ल्यूयू) की ओर से घैयाबाड़ी न्यू कमान चाय बागान में गुरुवार को गेट मीटिंग आयोजित कर चाय श्रमिकों की विभिन्न समस्याओं को उठाया गया। यूनियन ने लंबे समय से लंबित भविष्य निधि (पीएफ), ग्रेच्युटी के भुगतान और न्यूनतम मजदूरी लागू करने की मांग करते हुए सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की अपील की।
बैठक में श्रमिकों ने बताया कि उन्हें लंबे समय से भविष्य निधि की राशि नहीं मिली है। वहीं, पिछले चार वर्षों से सेवानिवृत्त श्रमिकों को ग्रेच्युटी की केवल आंशिक राशि का भुगतान किया गया है। यूनियन ने ट्रेड यूनियन अधिनियम के प्रावधानों का हवाला देते हुए सेवानिवृत्त श्रमिकों को 45 दिनों के भीतर पूरी ग्रेच्युटी का भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की।
एचपीडब्ल्यूयू खर्सांग शाखा समिति के महासचिव कल्याण बागदास ने कहा कि चाय बागान मालिक वर्षों से श्रमिकों का शोषण कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आधुनिक संचार के दौर में श्रमिक अब अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हैं और उन्हें गुमराह नहीं किया जा सकता। उन्होंने सरकार से न्यू कमान चाय बागान के श्रमिकों की समस्याओं का शीघ्र समाधान करने तथा उत्तर बंगाल के चाय श्रमिकों के लिए न्यूनतम मजदूरी तत्काल लागू करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि यदि दार्जिलिंग चाय की अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा बनाए रखनी है तो श्रमिकों को उनके अधिकार दिलाना और बागानों में हो रहे शोषण को समाप्त करना आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि एचपीडब्ल्यूयू श्रमिकों के अधिकारों और न्याय के लिए अपना आंदोलन आगे भी जारी रखेगी।
गेट मीटिंग में एचपीडब्ल्यूयू केंद्रीय समिति के सदस्य बिरेन्द्र छेत्री, बादल राई, न्यू कमान इकाई के सचिव मणि तामांग सहित यूनियन के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में चाय श्रमिक मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में श्रमिकों ने अपनी लंबित मांगों के शीघ्र समाधान की मांग दोहराते हुए यूनियन के आंदोलन को समर्थन देने का संकल्प व्यक्त किया।




