श्रम कानून को लागू नहीं किए जाने का परिणाम नोएडा श्रमिक अशांति ,एच एम के पी भी करेगी जांच : राकेशमणि

 

सुनील बाजपेई
कानपुर। हिन्द मजदूर किसान पंचायत के राष्ट्रीय सचिव और यूपी के महा सचिव राकेश मणि पाण्डेय ने नोएडा में हुए हिंसक आन्दोन को लेकर उसके वास्तविक कारणों को ध्यान में रखते हुए श्रमिकों के हित में चरणबद्ध योजना जल्द से जल्द लागू किए जाने की जोरदार मांग की है। उन्होंने नोएडा श्रमिक आंदोलन की चर्चा करते हुए कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि जब तक कोई उपद्रव, अशान्ति या अप्रिय घटना नहीं घटती है। तब तक सरकार प्रशासन इस पर कोई ध्यान नहीं देता है।
इस बीच उन्होंने जिलाधिकारी नोएडा के वक्तव्य पर भी अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की और कहा कि डीएम ने जो वक्तव्य जारी किया है उसमें कोई नई चीज नहीं है। सब कुछ कानून में पहले से उपलब्ध है लेकिन उसका अनुपालन न होने और ठेकेदारी प्रथा बढ़ाने, हर नियमित कार्य को संविदा आधारित करने और निजी क्षेत्र में दिये जाने के कारण ही ऐसे दुर्भाग्यशाली हालात पैदा हो रहे हैं।
वर्तमान स्थितियों को देखते हए निश्चित हर 05 वर्ष में वेतन का पुर्न निरीक्षण अनिवार्य किये जाने, उपभोक्ता सूचांक के अनुसार शत प्रतिशत महंगाई भत्ता दिये जाने की भी जोरदार मांग करते हुए अनेक श्रमिक आंदोलन के सफल अगुवाकार रहे हिन्द मजदूर किसान पंचायत के राष्ट्रीय सचिव और यूपी के महा सचिव राकेश मणि पाण्डेय ने यह भी आरोप लगाया कि सैकड़ों मजदूरों के बलिदान देने के बाद कानूनी रूप से कार्य के जो घंटे निर्धारित किए गए थे, उसका अतिक्रमण वर्तमान सेवायोजक कानून के खिलाफ जाकर खुलेआम कर रहे हैं । उन्होंने दावा किया कि अब 10 से 12 घण्टे आम कार्य के घण्टे हो गये हैं।
चर्चित वरिष्ठ श्रमिकनेता राकेश मणि पांडे ने बताया कि सिक्योरिटी गार्ड व सफाई कर्मियों स 8 घंटे के बजाय 12 घंटे काम लेने के बाद इसके अनुपात में उन्हें वेतन वृद्धि व अन्य सुविधाएं नहीं दी जाती हैं।
विभिन्न श्रमिक समस्याओं की चर्चा करते हुए हिन्द मजदूर किसान पंचायत के राष्ट्रीय सचिव और यूपी के महा सचिव राकेश मणि पाण्डेय ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ राजनैतिक दल और लोग इसे मुद्दा बनाकर मजदूरों का भड़काने में लगे रहते हैं। जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी शासन, प्रशासन और सरकार की ही है। उन्होंने कहा कि समुचित कार्यवाही न करने लागू कानूनों को समुचित रूप से पालन न कराने से ऐसी स्थितिया पैदा होती हैं।
उन्होंने नोएडा की श्रमिक आंदोलन को लेकर श्रम सेवायोजन मंत्री द्वारा दिए गए बयान को गैर जिम्मेदाराना और अत्यन्त ही दुर्भाग्यपूर्ण भी बताते हुए हिन्द मजदूर किसान पंचायत के राष्ट्रीय सचिव और यूपी के महा सचिव राकेश मणि पाण्डेय ने कहा कि श्रम न्यायालयों में सालों से पीठासीन अधिकारी के स्थान रिक्त हैं। श्रम विभाग मजदूरों के सम्बन्धित कार्यों के अलावा बाकी सब कार्य करता है। श्रम विभाग के कर्मचारियों का उपयोग सरकार स्टेपनियों की तरह उपयोग करती है। हर वह कार्य में लगी रहती है ,जिससे मजदूरों का कुछ लेना देना नहीं है।
उन्होंने कहा कि इसीलिए मजदूरों की समस्याएं दिन पर दिन बढ़ती जाती है और उनका निराकरण करने वाली एजन्सियाँ व तंत्र मृतप्राय हो गयी है। पक्षों में वार्ता को बढावा न देकर केवल विवादों में घसीटने का कार्य किया जा रहा है। श्रमिक नेता राकेश मणि पांडेय ने यह भी आरोप लगाया कि श्रम निरीक्षकों को जांच के अधिकार से वंचित कर दिया गया है। इससे भी बड़ विकट स्थितियां पैदा हो रही है। सरकार को उस पर गम्भीरता से विचार करना होगा, क्योंकि यह स्थिति को गम्भीर होने में ज्याद समय नहीं लगेगा।
श्रमिक समस्याओं को सुलझाने समझने के लिए सरकार की पहल का हिन्द मजदूर किसान पंचायत की ओर से स्वागत करते हुए महासचिव वरिष्ठ श्रमिक नेता राकेश मणि पांडेय ने बताया कि संगठन द्वारा एक तीन सदस्यीय प्रतिनिधि मण्डल द्वारा नोएडा श्रमिक आन्दोलन पर जांच कार्यवाही गठित की है, जिसकी रिपोर्ट एक माह में आने के पश्चात् हिन्द मजदूर किसान पंचायत तत्सम्बन्धित कार्यवाही के लिए संगठन में विचार विमर्श कर श्रमिकों के हित में अगली रणनीति करेगा।

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