वित्तीय साक्षरता और फ्रॉड जागरूकता के लिए ‘अर्थसूत्र संवाद’ का आयोजन
नई दिल्ली। देश में लगातार बढ़ते वित्तीय फ्रॉड पर रोक लगाने और आम नागरिकों में वित्तीय साक्षरता को बढ़ावा देने के लिए दिल्ली-एनसीआर के शिक्षण संस्थानों में ‘अर्थसूत्र संवाद’ नामक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह पहल भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की वित्तीय जागरूकता मुहिम का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य लोगों को व्यक्तिगत वित्तीय प्रबंधन, ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव और जिम्मेदार वित्तीय आदतों के प्रति सजग बनाना है।
इस कार्यक्रम का आयोजन भारत की सबसे बड़ी निजी क्षेत्र की गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (NBFC) बजाज फाइनेंस लिमिटेड द्वारा किया गया। बड़ी संख्या में छात्राओं ने इसमें भाग लिया और सक्रिय रूप से विभिन्न सत्रों में हिस्सा लिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बादली के एसीपी डॉ. प्रणय कुमार ने कहा कि आजकल धोखेबाज आधार कार्ड का दुरुपयोग कर लोगों की वित्तीय जानकारी तक पहुंच जाते हैं। उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि होटल, फोटोकॉपी या अन्य असुरक्षित स्थानों पर आधार कार्ड की प्रतियां साझा न करें और आवश्यकता पड़ने पर वोटर आईडी या ड्राइविंग लाइसेंस का इस्तेमाल करें। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी साइबर फ्रॉड की स्थिति में लोग तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।
साइबर फ्रॉड के नए तरीकों पर प्रकाश डालते हुए एसीपी ने छात्रों को डिजिटल अरेस्ट स्कैम और व्हाट्सएप पर फर्जी निवेश समूहों के बारे में भी सचेत किया।
इंस्टीट्यूट ऑफ इकोनॉमिक ग्रोथ, दिल्ली के प्रोफेसर डॉ. सुखदीप सिंह ने कहा कि वित्तीय साक्षरता केवल शहरी युवाओं ही नहीं, बल्कि ग्रामीण समुदायों और महिलाओं के लिए भी उतनी ही जरूरी है। उन्होंने कहा, “वर्तमान में समझदारी से खर्च करना और भविष्य के लिए सेविंग करना बेहद जरूरी है। खासकर लड़कियों को बचत और धन प्रबंधन की कला जरूर सीखनी चाहिए।”
उन्होंने यह भी जोड़ा कि प्रभावी वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम न केवल लोगों को व्यक्तिगत स्तर पर संपन्न बनाते हैं, बल्कि राष्ट्र की समग्र आर्थिक वृद्धि में भी योगदान देते हैं।
‘अर्थसूत्र संवाद’ के अंतर्गत आयोजित कार्यशालाओं और संवाद सत्रों में प्रतिभागियों को बचत के महत्व, आपातकालीन वित्तीय सुरक्षा, जिम्मेदार उधारी और ऑनलाइन व ऑफलाइन धोखाधड़ी से बचाव जैसे विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही, छात्रों को जीवन की आर्थिक चुनौतियों का सामना करने के लिए वित्तीय अनुशासन और मानसिक मजबूती विकसित करने के उपाय भी बताए गए।
