बंगाल में सियासी भूचाल: ‘हस्ताक्षर विवाद’ में अब ममता बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास पर पहुंची CID की टीम

 

कोलकाता, : पश्चिम बंगाल की राजनीति में आज उस समय हड़कंप मच गया, जब राज्य की सीआईडी (CID) की एक विशेष टीम तृणमूल कांग्रेस (TMC) के महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास पर (जो मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आवास परिसर का ही हिस्सा है) नए सिरे से समन तामील कराने पहुंची। चर्चित “हस्ताक्षर जालसाजी मामले” की जांच को लेकर राज्य जांच एजेंसी की यह सक्रियता बंगाल के राजनीतिक गलियारों में भारी चर्चा का विषय बन गई है।सूत्रों के मुताबिक, इससे पहले भी सीआईडी की टीम दो बार नोटिस देने यहां आ चुकी है। लगातार समन दिए जाने के बावजूद जांच एजेंसी के समक्ष हाजिर न होने पर आज पुनः टीम नोटिस देने पहुंची।क्या है पूरा ‘हस्ताक्षर विवाद’ (সই কাণ্ড)?इस पूरे विवाद की शुरुआत विधानसभा में पार्टी के आंतरिक मतभेदों के बाद हुई। हाल ही में तृणमूल कांग्रेस के दो विधायकों— ऋतब्रत बनर्जी (उलुबेरिया पूर्व) और संदीपान साहा (एंटली)— ने विधानसभा अध्यक्ष (स्पीकर) के पास एक आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई थी।शिकायत में आरोप लगाया गया था कि अभिषेक बनर्जी द्वारा विधानसभा में विपक्ष के नेता (LoP) और मुख्य सचेतक (Chief Whip) के चयन को लेकर करीब 70 विधायकों के हस्ताक्षरों वाली जो सूची सौंपी गई थी, उसमें कई विधायकों के हस्ताक्षर जाली (Forged) हैं। शिकायतकर्ताओं का दावा था कि इस प्रक्रिया में कई विधायकों से सहमति नहीं ली गई और उनके फर्जी दस्तखत किए गए।

इस शिकायत के बाद दोनों विधायकों को टीएमसी से निष्कासित कर दिया गया था, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर जांच सीआईडी को सौंप दी गई।हाजिरी से बच रहे हैं अभिषेक बनर्जीसीआईडी ने इससे पहले अभिषेक बनर्जी को 1 जून और उसके बाद 8 जून को भवानी भवन (राज्य पुलिस मुख्यालय) में पेश होने का निर्देश दिया था। हालांकि, अभिषेक बनर्जी ने शारीरिक अस्वस्थता (जबड़े और गर्दन में दर्द) का हवाला देते हुए जांच एजेंसी से 14 से 15 दिनों का समय मांगा था।हालिया घटनाक्रम के अनुसार, अभिषेक बनर्जी फिलहाल दिल्ली में विपक्ष की ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन की बैठक में शामिल होने के लिए गए हुए हैं। इसी बीच सोमवार और आज मंगलवार को फिर से सीआईडी की टीम उनके कालीघाट आवास के गेट पर पहुंची, जहां उन्हें कुछ समय इंतजार भी करना पड़ा।”गला काट लें, तो भी सिर नहीं झुकाऊंगा”— अभिषेकइस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए अभिषेक बनर्जी ने केंद्रीय और राज्य जांच एजेंसियों के एक्शन पर तीखा पलटवार किया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “अगर ईडी, सीबीआई या कोई अन्य एजेंसी मुझे गिरफ्तार करना चाहती है, तो कर ले; वे चाहें तो मेरा गला काट सकते हैं, लेकिन मैं उनके सामने कभी अपना सिर नहीं झुकाऊंगा।”इस हाई-प्रोफाइल मामले में सीआईडी की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई के बाद तृणमूल कांग्रेस के भीतर और बाहर राजनीतिक सरगर्मी चरम पर पहुंच गई है। विपक्षी दल इसे टीएमसी का आपसी अंतर्विरोध और भ्रष्टाचार बता रहे हैं, जबकि टीएमसी नेतृत्व इसे राजनीतिक प्रतिशोध का हिस्सा मान रहा है।

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