प्रमंडल बनाने की मांग पर सर्वदलीय बैठक में ‘जनता लॉकडाउन’ का ऐलान
2 अगस्त की रात 11 बजे से 3 अगस्त की सुबह 11 बजे तक होगा 'जनता लॉकडाउन' कि आयोजन
सभी दलों और संगठनों ने एकजुट होकर लॉकडाउन को ऐतिहासिक बनाने को लेकर हुए एकजुट
नन्दकिशोर दास
बेगूसराय ब्यूरो। बेगूसराय को प्रमंडल का दर्जा दिलाने की बहुप्रतीक्षित मांग बिहार विधानसभा चुनाव से पूर्व एक बार फिर से जोड़ पकड़ रही है। रविवार को प्रमंडल बनाओ अभियान समिति की ओर से सुहिर्द नगर, अर्चना बिहार में राजनीतिक दलों की सर्वदलीय बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में विभिन्न राजनीतिक दलों, जन संगठनों, सामाजिक संस्था के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि आगामी 2 अगस्त को 12 घंटे के लिए जनता लॉकडाउन के माध्यम से प्रमंडल के लिए सरकार पर दबाव बनाया जाएगा। बैठक की अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष पूर्व मुख्य पार्षद आलोक अग्रवाल ने की, जबकि संचालन विंग कमांडर रणजीत कुमार ने किया। बैठक को संबोधित करने वालों में अभियान समिति के संयोजक दिलीप कुमार सिन्हा, बिहार विधान परिषद सदस्य राजद नेत्री उर्मिला ठाकुर, उपमुख पार्षद अनीता देवी, को-ऑपरेटिव बैंक के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह, माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेश राय, पूर्व विधायक एवं माकपा नेता राजेंद्र सिंह, जिला सचिव रत्नेश झा, सीपीआई के अनिल अंजान, भाकपा माले के राजेश श्रीवास्तव, कांग्रेस नेता मो. हारून रशीद खान, जदयू जिलाध्यक्ष रुदल राय, भाजपा के जिला उपाध्यक्ष वीरेश कुमार,नवीन कुमार, लोजपा रामविलास के जिलाध्यक्ष प्रेम पासवान आप के जितेंद्र राय, जन सुराज के रूपम कुमारी, रवि शंकर पोद्दार गांधी, डॉ राजेश रौशन, मिंटू सोनी,एआईएसएफ के अमरेश कुमार, एनएसयूआई के राजा कुमार, आइसा के अजय कुमार, कर्मचारी महासंघ के मुरारी मोहन, सरपंच संघ के अध्यक्ष विजय शंकर सिंह सहित समाजसेवी प्रकाश कुमार सिंहा , समीर शेखर, जयराम दास, डॉ संजय कुमार और राजेश कुमार समेत कई अन्य वक्ता शामिल हैं। उन्होंने कहा कि बेगूसराय प्रमंडल बनने की हर कसौटी पर खरा उतरता है। चाहे वह जनसंख्या हो, भौगोलिक स्थिति, प्रशासनिक जरूरत या ऐतिहासिक पहचान। यह अब सिर्फ राजनीतिक मुद्दा नहीं रहा, बल्कि आम जनता की सामूहिक आकांक्षा बन चुका है। बैठक में सर्वसम्मति से तय किया गया कि 2 अगस्त की रात 11 बजे से 3 अगस्त की सुबह 11 बजे तक 12 घंटे का शांतिपूर्ण ‘जनता लॉकडाउन’ आयोजित किया जाएगा। यह विरोध शहर में पूरी तरह शांतिपूर्ण, अनुशासित और लोकतांत्रिक तरीके से होगा। इस मौके पर आपातकालीन सेवाएं पूरी तरह से बाहल रहेगी।नेताओं ने शहर के सभी नागरिकों, व्यापारियों, विद्यार्थियों, युवाओं, महिलाओं और कर्मचारियों से अपील की कि वे इस ऐतिहासिक आंदोलन में बढ़-चढ़कर भाग लें और बेगूसराय को उसका न्यायोचित हक दिलाने की इस लड़ाई को सफल बनाएं। यह भी निर्णय लिया गया कि आंदोलन को भविष्य में और तेज करने के लिए जनसहभागिता आधारित व्यापक रणनीति तैयार की जाएगी।


