मालदा के चाचल कॉलेज में टीएमसीपी छात्रों ने जलाया कवि रवीन्द्रनाथ टैगोर, गृहमंत्री ओर प्रधानमंत्री का पुतला
भाजपा नेताओं ने की जमकर आलोचना, कहा पहले विद्यासागर की मूर्ति तोड़ी
– क्या यह बंगाल और बंगालियों का अपमान नहीं
अजित प्रसाद/ सिलीगुड़ी: भारतीय जनता पार्टी ने रविवार को तृणमूल कांग्रेस छात्र परिषद के एक छात्र नेता पर चंचोल कॉलेज परिसर में रवींद्रनाथ टैगोर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की फोटो को आग लगाने की कोशिश करने का आरोप लगाया। भारतीय जनता पार्टी के नेता दिलीप घोष ने आगे कहा, “टीएमसी सदस्यों ने रवींद्रनाथ टैगोर की तस्वीर जलाई और ईश्वर चंद्र विद्यासागर की मूर्ति तोड़ दी। जिन लोगों ने आज टीएमसी पर कब्जा कर लिया है। उनका रवींद्रनाथ या विद्यासागर से कोई संबंध नहीं है। वो कुछ भी करेंगे, उन को राजनीति चाहिए, उन को पैसे चाहिए।”
सुकांत मजूमदार ने पोस्ट किया वीडियो: केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने सोशल मीडिया एक्स पर एक वीडियो पोस्ट कर लिखा, “मालदा के चंचल कॉलेज परिसर में एक तृणमूल कांग्रेस नेता ने खुलेआम विश्व-कवि रवींद्रनाथ टैगोर की तस्वीर जला दी। यह दृश्य न केवल पूरे बंगाली समाज को गहरा आघात पहुंचाता है, बल्कि हमारा सिर भी शर्म से झुका देता है। ममता बनर्जी के निर्देश पर, तथाकथित ‘भाषा आंदोलन’ के नाम पर, जो पाखंडपूर्ण नाटक चल रहा है, उसकी घिनौनी अभिव्यक्ति मालदा की इस घटना में हुई है। यदि पूज्य कवि की तस्वीर जलाने जैसे निंदनीय कृत्य को विरोध के रूप में प्रस्तुत किया जाता है, तो यह बंगाली संस्कृति के साथ घोर विश्वासघात से कम नहीं है।”सुकांत मजूमदार ने कहा, “जो लोग पूज्य कवि रवींद्रनाथ टैगोर का चित्र जलाने जैसा दुस्साहस करने का साहस करते हैं, उनका बंगाल प्रेम का दावा पाखंड के अलावा और कुछ नहीं है। जो लोग ऐसे घृणित कार्य करते हैं, वे बंगाली पहचान का दावा करके बंगाल का ही अपमान करते हैं। पश्चिम बंगाल पुलिस और प्रशासन की नैतिक जिम्मेदारी है कि वे इन व्यक्तियों को शीघ्रता से कानून के दायरे में लाएं।” हालांकि, मेरे द्वारा इस वीडियो की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।


