उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज में एडमिशन को लेकर हंगामा, हेल्प डेस्क के विवाद में 3 घायल
Ajit Prasad
सिलीगुड़ी : उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में फर्स्ट ईयर एडमिशन प्रक्रिया के दौरान हेल्प डेस्क लगाने को लेकर मंगलवार को तनाव की स्थिति पैदा हो गई। नए छात्रों की सहायता के लिए हेल्प डेस्क लगाने के मुद्दे पर एबीवीपी (ABVP) और एआईडीएसओ (AIDSO) से जुड़े छात्र-छात्राओं के बीच विवाद शुरू हुआ। देखते ही देखते मामला तीखी बहस से हाथापाई तक पहुंच गया। इस घटना में दो मेडिकल छात्राओं और एक छात्र समेत कुल तीन लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है।
घटना के बाद मेडिकल कॉलेज परिसर में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। विवाद की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस की मौजूदगी के बाद दोनों पक्षों को अलग किया गया और परिसर में हालात सामान्य किए गए।
जानकारी के अनुसार, उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज में इन दिनों नए छात्रों के फर्स्ट ईयर एडमिशन की प्रक्रिया चल रही है। इसी दौरान नए विद्यार्थियों की मदद के लिए हेल्प डेस्क लगाने को लेकर दोनों छात्र संगठनों के बीच विवाद शुरू हुआ। एआईडीएसओ की ओर से हेल्प डेस्क लगाए जाने की कोशिश के दौरान कथित तौर पर दूसरे पक्ष के साथ बहस हुई। कुछ ही देर में दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की और मारपीट की स्थिति बन गई।
एआईडीएसओ की ओर से आरोप लगाया गया है कि संगठन के सदस्यों को कॉलेज परिसर में हेल्प डेस्क लगाने से रोका गया। संगठन का दावा है कि इसी दौरान उनके साथ मौजूद छात्र-छात्राओं के साथ मारपीट की गई। एआईडीएसओ ने आरोप लगाया कि घटना के दौरान कुछ छात्रों के मोबाइल फोन, चश्मे और अन्य निजी सामान भी छीन लिए गए। संगठन की ओर से मामले को लेकर कार्रवाई की मांग की गई है।
वहीं, एबीवीपी ने घटना को लेकर अलग पक्ष रखा है। संगठन की ओर से आरोप लगाया गया कि कॉलेज प्रशासन या संबंधित अधिकारियों की अनुमति के बिना परिसर में हेल्प डेस्क लगाया जा रहा था। एबीवीपी का कहना है कि नए छात्रों को एडमिशन प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी देने के नाम पर उन्हें भ्रमित किया जा रहा था। इसी मुद्दे को लेकर विवाद बढ़ा और दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस की टीम मेडिकल कॉलेज परिसर में पहुंची। मौके पर एसीपी वेस्ट अनिर्बान मजूमदार भी पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस अधिकारी ने बताया कि फिलहाल कॉलेज परिसर में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। पुलिस की ओर से दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की गई है।
पुलिस के मुताबिक, इस मामले में खबर लिखे जाने तक किसी भी पक्ष की ओर से लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। पुलिस का कहना है कि अगर किसी पक्ष की ओर से लिखित शिकायत दी जाती है, तो पूरे मामले की जांच की जाएगी और जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
हादसे में घायल हुए तीन लोगों को लेकर भी जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि घायलों में दो मेडिकल छात्राएं और एक छात्र शामिल हैं। घटना के बाद उनके इलाज और स्वास्थ्य को लेकर जानकारी ली गई। हालांकि, घायलों की स्थिति को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
मेडिकल कॉलेज जैसे संवेदनशील शैक्षणिक संस्थान में एडमिशन प्रक्रिया के दौरान इस तरह का विवाद सामने आने के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। फर्स्ट ईयर में दाखिला लेने के लिए बड़ी संख्या में नए छात्र और उनके अभिभावक कॉलेज परिसर में पहुंच रहे हैं। ऐसे में छात्र संगठनों के बीच विवाद से एडमिशन प्रक्रिया प्रभावित होने की आशंका भी जताई जा रही है।
स्थानीय स्तर पर लोगों का कहना है कि नए छात्रों की सहायता के लिए लगाए जाने वाले किसी भी हेल्प डेस्क को लेकर कॉलेज प्रशासन को स्पष्ट दिशा-निर्देश तय करने चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की स्थिति पैदा न हो। साथ ही छात्र संगठनों से भी संयम बरतने की अपील की जा रही है।
फिलहाल पुलिस के हस्तक्षेप के बाद स्थिति नियंत्रण में है। कॉलेज परिसर में सामान्य गतिविधियां जारी हैं। हालांकि, दोनों छात्र संगठनों की ओर से एक-दूसरे पर लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो पाएगी। लिखित शिकायत मिलने के बाद पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर आगे की कार्रवाई कर सकती है।



