केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय कर्मी की मां की कानपुर में हत्या समेत लाखों की लूट
सुनील बाजपेई
कानपुर। यहां कमिश्नरेट पुलिस की सक्रियता के बाद भीअपराधी वारदातों को अनजान देने में लगातार सफल हो रहे हैं। इसी क्रम में उन्होंने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय में तैनात एक कर्मचारी की मां की हत्या करने के साथ ही लाखों का माल भी लूट ले गए। अब पुलिस बदमाशों की तलाश कर रही है। यह घटना रावतपुर थाना क्षेत्र के केशवपुरम में हुई।
पुलिस की छानबीन के दौरान यह खुलासा हुआ है कि बदमाशों को घर की पूरी जानकारी थी। लुटेरों ने चाबी से अलमारी खोली और सिर्फ बड़े बेटे अमरीष की अलमारी को निशाना बनाया, जबकि छोटे बेटे की अलमारी को छुआ तक नहीं। लॉकर को किसी नुकीली चीज से तोड़ा गया था। लूट के आरोपियों को घर की पूरी जानकारी थी। उन्हें पता था कि गहने और नकदी कहां रखी हुई है। यहां तक की उन्हें बड़े बेटे की अलमारी की चाभी की जानकारी भी थी। घटना के बाद उमा के पति शिवमंगल जैसे ही घर पहुंचे।
उन्हें बड़े बेटे अमरीष की ही अलमारी टूटी हुई मिली, जबकि छोटे बेटे आशीष की अलमारी को लुटेरों ने छुआ भी नहीं था। शिवमंगल के मुताबिक अलमारी में बड़े बेटे की पत्नी नेहा और उमा के जेवर थे। अलमारी की चाबी घर में एक सुरक्षित स्थान पर रखी जाती है।
अलमारी चाबी से खोली गई है, लेकिन जेवर वाले लाॅकर को किसी नुकीली चीज से तोड़ा है। अमरीष पिछले नौ साल से पत्नी नेहा के साथ मसवानपुर स्थित दूसरे मकान में रह रहा है। उसी में नीचे बनी मार्केट की एक दुकान में पिता पुत्र बुक स्टॉल चला रहे हैं। अमरीष का तीन माह पहले अपनी पत्नी नेहा से महीने के खर्च को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद नेहा दोनों बच्चों को लेकर गोविंदनगर स्थित मायके चली गई। बताया गया कि जब वारदात हुई, तो अमरीष ने फोन कर नेहा को भी बुला लिया। नेहा का एक बेटा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय में कर्मचारियों के रूप में नियुक्त बताया गया है। पुलिस ने बताया कि घटना की गहन छानबीन करने के साथ ही लुटेरों का पता लगाया जा रहा है।


