बिहार में कोई किन्तु परंतु नहीं, नीतीश कुमार ही होंगे मुख्यमंत्री

- बिहार मंत्रिमंडल का फार्मूला हुआ तय, 19 या 20 नवंबर को होगा शपथ ग्रहण समारोह

 

भाजपा भाजपा को 15-16, जदयू को 14, एलजेपी (RV) को 3, जबकि हम और RLSP को एक-एक मंत्रालय

अजित प्रसाद / पटना : बिहार विधानसभा चुनाव में शानदार जीत के बाद एक बार फिर एनडीए की सरकार बनने जा रही है। चुनावी परिणामों के अनुसार जदयू और बीजेपी की अगुवाई वाली गठबंधन ने राज्य में अपनी बढ़त बनाई है। अब मंत्रिमंडल गठन की तैयारियों को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है और सूत्रों के अनुसार विभिन्न दलों के बीच पद बांटने को लेकर सहमति बन गई है.
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में नए मंत्रिमंडल में किन विधायकों को शामिल किया जाएगा, इसको लेकर अभी राजनीतिक समीकरणों पर आखिरी चर्चा जारी है। केंद्रीय नेताओं और राज्य मंत्रियों की बिहार आगमन के बीच इस प्रक्रिया को अंतिम रूप देने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। बिहार एनडीए सरकार का शपथ ग्रहण समारोह बुधवार या गुरुवार को आयोजित होने की संभावना है, जिसकी अंतिम तारीख प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम के अनुसार तय होगी। एनडीए ने इस बार के विधानसभा चुनाव में प्रचंड जीत हासिल की है, जिसमें भाजपा 89 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी, जबकि जदयू ने 85 सीटों पर जीत दर्ज की। एलजेपी(RV), हम और आरएलएम जैसे छोटे सहयोगियों ने भी प्रभावी प्रदर्शन किया।
18वीं बिहार विधानसभा गठन की अधिसूचना जारी होने के साथ सरकार बनाने की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो चुकी है। चुनाव आयोग राज्यपाल अरिफ मोहम्मद खान को अंतिम परिणाम सौंपेगा, जिसके बाद आचार संहिता समाप्त हो जाएगी। नीतीश कुमार ने कल कैबिनेट बैठक बुलाई है जिसमें 17वीं विधानसभा को भंग करने के प्रस्ताव को मंजूरी दिए जाने की संभावना है। इसके बाद वे राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप देंगे, जिससे नई सरकार के गठन का रास्ता साफ होगा।
एनडीए के दल अलग-अलग विधायक दल की बैठकें कर नेता का चुनाव करेंगे और फिर सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे। 19 या 20 नवंबर को शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जा सकता है, जिसके लिए पटना के गांधी मैदान में तैयारियां शुरू हो गई हैं। यह नीतीश कुमार का 10 वां शपथ ग्रहण होगा, जहां प्रधानमंत्री, कई केंद्रीय मंत्री, मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री भी शामिल हो सकते हैं। कैबिनेट फार्मूला के अनुसार भाजपा को 15-16, जदयू को 14, एलजेपी(RV) को 3, जबकि हम और RLSP को एक-एक मंत्रालय मिलने की संभावना है।

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