SIR माहौल में भारत छोड़कर बांग्लादेश लौटने वालों की संख्या में बढ़ोतरी – बीएसएफ के उत्तर बंगाल आईजी मुकेश त्यागी
अजित प्रसाद /सिलीगुड़ी (उत्तर बंगाल): एसआईआर के माहौल में भारत से बांग्लादेश लौटने वाले बांग्लादेशी नागरिकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। पिछले वर्ष जहां कुल 45 बांग्लादेशी नागरिक भारत छोड़कर अपने देश लौटे थे, वहीं इस वर्ष मात्र तीन महीनों में ही यह संख्या बढ़कर 186 तक पहुँच गई है। यह तथ्य गुरुवार को सिलीगुड़ी के निकट कदमतला स्थित बीएसएफ उत्तर बंगाल फ्रंटियर मुख्यालय में आयोजित पत्रकार सम्मेलन के दौरान बीएसएफ के उत्तर बंगाल आईजी मुकेश त्यागी ने साझा किया।
बीएसएफ के 61वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीमा सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई। आईजी मुकेश त्यागी ने बताया कि सीमा सुरक्षा में आधुनिक तकनीक का उपयोग, ‘चिकन नेक’ क्षेत्र की सुरक्षा को सुदृढ़ करना और तस्करी पर रोक लगाने के लिए कई नए कदम उठाए गए हैं।
इंडो-बांग्लादेश सीमा पर नई अत्याधुनिक फेंसिंग
बीएसएफ सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, अवैध घुसपैठ और तस्करी रोकने के लिए पुरानी फेंसिंग को हटाकर नई न्यू डिज़ाइन फेंसिंग (NDF) लगाने का काम तेजी से चल रहा है।
बीएसएफ के नियंत्रण में कुल 936 किलोमीटर लंबी इंडो-बांग्लादेश सीमा में से लगभग 250 किलोमीटर सीमा पर इस नई फेंसिंग को लगाया जा रहा है।
पुरानी 8 फीट की फेंसिंग को आसानी से काटा या पार किया जा सकता था, जबकि नई फेंसिंग:
12 फीट ऊँची है,
किसी भी औजार से काटना बेहद मुश्किल है,
और इसे पार करना लगभग असंभव है।
तकनीकी निगरानी और मजबूत
बीएसएफ पहले से ही सीमा क्षेत्र में ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रीडर सिस्टम का उपयोग कर रही है। इसके साथ अब और अधिक:
नाइट विज़न कैमरे,
बुलेट कैमरे,
और ड्रोन निगरानी
जोड़े गए हैं, जिससे सीमा पर निगरानी व्यवस्था और मजबूत हुई है।
फिंगरप्रिंट आइडेंटिफिकेशन बैंकिंग की शुरुआत
बीएसएफ ने सीमा पर पकड़े गए घुसपैठियों और तस्करों का विस्तृत डेटा तैयार करने के लिए फिंगरप्रिंट आइडेंटिफिकेशन बैंकिंग प्रक्रिया शुरू की है। इसके तहत:
पकड़े गए व्यक्ति के फिंगरप्रिंट,
पहचान,
और अपराध संबंधी सभी जानकारी
डिजिटल रूप से संग्रहित की जाएगी। अगले किसी भी गिरफ्तारी में उनके पिछले रिकॉर्ड तुरंत सामने आ जाएंगे।
बीएसएफ का कहना है कि आधुनिक तकनीक और नई सुरक्षा प्रणाली के कारण आने वाले दिनों में सीमा सुरक्षा और भी प्रभावी होगी तथा अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण मजबूत किया जा सकेगा।


