हिलकार्ट रोड के पुराने पेड़ पक्षियों की आखिरी पनाहगाह हैं, शहर के बीचों-बीच से गायब होती तस्वीर
अजित प्रसाद,सिलीगुड़ी: जैसे-जैसे शहर मॉडर्न होता जा रहा है, हरियाली कम होती जा रही है। ऊंची इमारतों, चौड़ी सड़कों और कंक्रीट के जंगलों में पक्षी धीरे-धीरे अपना घर खो रहे हैं। जो शहर कभी पक्षियों के झुंड से भरा रहता था, वह अब एक दुर्लभ नज़ारा बनता जा रहा है।
हालांकि, सिलीगुड़ी शहर का हिलकार्ट रोड एक अपवाद बना हुआ है। यहां के कुछ पुराने पेड़ आज भी पक्षियों के लिए सुरक्षित पनाहगाह बने हुए हैं। दिन भर आसमान में उड़ने के बाद, शाम होते ही हिलकार्ट रोड के ये पेड़ पक्षियों का एकमात्र ठिकाना बन जाते हैं। सूरज ढलने के साथ, पेड़ों की डालियों पर बैठे अनगिनत पक्षियों का शोर शहर के बीचों-बीच ज़िंदगी की एक अलग ही धड़कन ले आता है।
शहर के बीचों-बीच रात बिताते पक्षियों के झुंड का ऐसा नज़ारा आजकल अक्सर देखने को नहीं मिलता। यह तस्वीर कभी सिलीगुड़ी समेत पूरे बंगाल में मशहूर थी, लेकिन आज मॉडर्निटी के दबाव में यह लगभग खो सी गई है। हिलकार्ट रोड पर ये पुराने पेड़ न केवल पक्षियों के लिए स्वर्ग हैं, बल्कि शहर की लुप्त होती प्राकृतिक विरासत के मूक गवाह भी हैं।




