नए साल का तोहफा टॉय ट्रेन ‘जंगल सफारी’ फिर से शुरू,
अब ट्रेन से ही देख सकेंगे बाघ और हाथियों का दीदार

अजित प्रसाद,सिलीगुड़ी : नए साल की शुरुआत के साथ ही उत्तर बंगाल के पहाड़ों की सैर करने वाले पर्यटकों के लिए दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे (DHR) ने एक बड़ी खुशखबरी दी है। लंबे समय से बंद पड़ी लोकप्रिय ‘जंगल सफारी’ को एक बार फिर से शुरू कर दिया गया है। पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत एक निजी संस्था के सहयोग से नए साल के दूसरे रविवार से इस सेवा का भव्य शुभारंभ हुआ।फिलहाल यह टॉय ट्रेन जंगल सफारी सप्ताह में दो दिन, शनिवार और रविवार को संचालित की जाएगी। इसके अलावा सरकारी छुट्टियों के दिन भी पर्यटक इस सेवा का लाभ उठा सकेंगे। एक निजी संस्था के साथ सात साल के अनुबंध पर इस सेवा को नए कलेवर में पेश किया गया है।

यह सफारी पूरी तरह से एक पैकेज सिस्टम पर आधारित है। इसकी मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं:रूट: ट्रेन सुबह 10 बजे सिलीगुड़ी जंक्शन से रवाना होकर सीधे गयाबाड़ी तक जाएगी।प्राकृतिक दृश्य: रास्ते में महानंदा वन्यजीव अभयारण्य के घने जंगलों के बीच से गुजरते हुए पर्यटकों को जंगली हाथियों के झुंड, बाइसन, हिरण और यदि किस्मत अच्छी रही तो बाघ देखने का भी अवसर मिल सकता है।मुख्य आकर्षण: सुकना, रोंगटोंग, पगलाझोरा और तीनधरिया जैसे खूबसूरत स्टेशन और चाय के बागान।
पर्यटकों की सुविधा के लिए इस पैकेज में खान-पान की पूरी व्यवस्था की गई है। सुबह का नाश्ता (ब्रेकफास्ट), गयाबाड़ी में दोपहर का भोजन (लंच) और शाम को मोमो के साथ चाय या कॉफी शामिल है। ट्रेन के डिब्बों में महिला कर्मचारी तैनात रहेंगी, जो विशेष रूप से महिला और परिवार के साथ आए पर्यटकों के लिए एक सुरक्षित ‘डे-आउटिंग’ सुनिश्चित करेंगी। इस पूरे पैकेज का किराया 2,200 रुपये प्रति व्यक्ति निर्धारित किया गया है।
रविवार को इस सफारी के पहले सफर का उद्घाटन DHR अधिकारियों ने किया। पहले ही दिन 26 यात्रियों ने इस रोमांचक यात्रा का आनंद लिया। यात्रियों ने ट्रेन के भीतर के वातावरण और प्रबंधन की काफी सराहना की।निजी संस्था के प्रमुख संजय गोस्वामी ने बताया, “हमारा लक्ष्य पर्यटकों को जंगल और पहाड़ों का एक अनूठा अनुभव देना है। गयाबाड़ी से यह ट्रेन शाम को वापस सिलीगुड़ी लौटेगी।”



