गुरुवार देर रात 1 बजकर 9 मिनट पर सिक्किम के ग्यालशिंग इलाके में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए।
सिलीगुड़ी समेत उत्तर बंगाल के कई इलाकों में दहशत का माहौल
अजित प्रसाद / सिलीगुड़ी/सिक्किम : पड़ोसी राज्य सिक्किम में आधी रात के बाद एक के बाद एक भूकंप के झटके महसूस किए हुए। भूकंप के झटके सिलीगुड़ी और उत्तर बंगाल के अन्य जिलों में धरती हिली। भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के मुताबिक, गुरुवार देर रात 1 बजकर 9 मिनट पर सिक्किम के ग्यालशिंग इलाके में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.5 मापी गई, जिसे मध्यम श्रेणी का भूकंप माना जाता है।
सिक्किम में रात 1 बजे से लेकर अब तक करीब 12 बार भूकंप के झटके लग चुके हैं।
आधी रात को भूकंप के झटके: नेशनल सेंटर फोर सिस्मोलॉजी ने अपने आधिकारिक हैंडल पर जानकारी दी है कि सिक्किम में आधी रात को भूकंप के तेज झटके लगे। इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.5 की मापी गई है। भूकंप रात 1 बजकर 9 मिनट पर आया। इस भूकंप का केंद्र ग्यालशिंग में 10 किमी की गहराई में था। अब तक भूकंप के कारण किसी जान-मान के नुकसान की खबर सामने नहीं आई है।नींद में डूबे लोग तेज कंपन से घबरा गए और एहतियातन घरों से बाहर निकल आए. कुछ ही मिनटों में इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया. राहत की बात यह रही कि शुरुआती जांच में किसी बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है.
देर रात आए झटकों से मची अफरा-तफरी
भूकंप के झटके इतने स्पष्ट थे कि ग्यालशिंग और आसपास के इलाकों में लोग जाग गए। कई परिवार डर के कारण तुरंत खुले स्थानों की ओर भागे। कुछ लोगों ने बताया कि खिड़कियां और दरवाजे हिलने लगे थे, जिससे घबराहट और बढ़ गई. हालांकि भूकंप की अवधि कम रही, लेकिन उसका असर लोगों की मानसिक स्थिति पर साफ नजर आया।
कई मिनट तक घरों से बाहर रहे लोग
भूकंप के बाद संभावित आफ्टरशॉक्स की आशंका को देखते हुए लोग कुछ समय तक बाहर ही खड़े रहे. स्थानीय निवासियों ने कहा कि बच्चों और बुजुर्गों में ज्यादा डर देखा गया। कई लोगों ने मोबाइल फोन के जरिए परिजनों और पड़ोसियों से संपर्क कर उनकी सुरक्षा की जानकारी ली। स्थिति धीरे-धीरे सामान्य होने लगी, लेकिन बेचैनी बनी रही।
प्रशासन की नजर, नियंत्रण में हालात
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अब तक किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है।स्थानीय अधिकारी हालात पर नजर बनाए हुए हैं और आपात स्थिति से निपटने के लिए टीमें तैयार रखी गई हैं। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से बचने की अपील की है
भूकंपीय क्षेत्र में सतर्कता की जरूरत
सिक्किम भूकंपीय रूप से संवेदनशील क्षेत्र में आता है, जहां समय-समय पर हल्के भूकंप आते रहते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे इलाकों में रहने वाले लोगों को हमेशा सतर्क रहना चाहिए।सुरक्षित निर्माण, आपदा प्रबंधन की जानकारी और आपात योजना ही ऐसे प्राकृतिक झटकों से निपटने का सबसे प्रभावी तरीका है। अन्य क्षेत्रों में भी लगे भूकंप के झटके: सिक्किम के अन्य इलाकों में भी आधी रात से सुबह तक भूकंप के लगातार झटके लगे हैं। राज्य के गंगटोक, मंगन, नामची में 2 से लेकर 4 की तीव्रता तक के भूकंप के झटके लगे हैं। लगातार आ रहे भूकंप ने लोगों को दहला कर रख दिया है। म्यांमार में भी आया भूकंप: भारत के पड़ोसी देश म्यांमार में भी शुक्रवार को तेज भूकंप के झटके लगे हैं। इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.9 मापी गई है। नेशनल सेंटर फोर सिस्मोलॉजी के मुताबिक, भूकंप शुक्रवार को सुबह 6 बजकर 3 मिनट पर आया और इसका केंद्र धरती से 96 किलोमीटर की गहराई में था। आपको बता दें कि म्यांमार में साल 2025 में भूकंप के कारण भारी तबाही हुई थी। इस भूकंप के कारण करीब 5 हजार से भी ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी।




