“नो SIR, नो वोट”: शमीक भट्टाचार्य का ममता सरकार पर तीखा हमला, निष्पक्ष मतदाता सूची की मांग

 

कोलकाता, : भाजपा के वरिष्ठ नेता और सांसद शमीक भट्टाचार्य ने मंगलवार को एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान पश्चिम बंगाल की कानून-व्यवस्था और SIR (Special Information Report) की प्रक्रिया को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि जब तक त्रुटिहीन मतदाता सूची सुनिश्चित नहीं होती, तब तक राज्य में चुनाव का कोई औचित्य नहीं है।शमीक भट्टाचार्य ने कहा कि देश के ११ राज्यों में SIR की प्रक्रिया शुरू हुई थी, जिनमें से १० राज्यों में यह शांतिपूर्वक संपन्न हो चुकी है। उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में १० करोड़ फर्जी नाम हटाए गए, वहीं केरल और तमिलनाडु जैसे गैर-भाजपा शासित राज्यों में भी कोई हिंसा नहीं हुई।”केवल पश्चिम बंगाल में ही बीडीओ ऑफिस में आगजनी, नेशनल हाईवे जाम और BLO (बूथ लेवल ऑफिसर) को डराने-धमकाने की खबरें आ रही हैं। यह पूरे बंगाल के लिए शर्म की बात है।”सुप्रीम कोर्ट द्वारा बंगाल में SIR प्रक्रिया की निगरानी के लिए न्यायाधीशों की नियुक्ति पर उन्होंने कहा:
प्रशासन की विफलता: यह राज्य प्रशासन की अयोग्यता और विश्वसनीयता की कमी को दर्शाता है कि सुप्रीम कोर्ट को हस्तक्षेप करना पड़ा।खतरे में न्यायपालिका: राज्य में न्यायाधीश भी खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं और सुरक्षा की मांग कर रहे हैं। निचली अदालतों में जजों पर जमानत न देने का दबाव बनाया जा रहा है।पक्षपात का आरोप: मुख्य सचिव से लेकर जिलाधिकारियों (DM) तक, पूरा प्रशासनिक ढांचा ‘तृणमूल कांग्रेस की सरकार’ की तरह काम कर रहा है।शमीक भट्टाचार्य ने चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को कोलकाता आने का निमंत्रण दिया। उन्होंने कहा कि आयुक्त को खुद मुर्शिदाबाद, डोमकल और दक्षिण २४ परगना का दौरा कर जमीनी हकीकत देखनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि भाजपा के BLA-2 द्वारा जमा की गई ‘फॉर्म-7’ की सभी शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए।
“हमारा रुख साफ है— नो SIR, नो वोट। बंगाल के लोगों को शुद्ध और त्रुटिमुक्त मतदाता सूची पाने का पूरा अधिकार है।”

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