कॉकरोच जनता पार्टी की पहली रैली में उमड़ी भारी भीड़

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग

-प्रधान के कार्यकाल में शिक्षा माफिया का बढ़ा प्रभाव
-बड़े-बड़े राजनेताओं की उड़ी नींद
भारत पोस्ट संवाददाता
नई दिल्ली। सोशल मीडिया और ऑनलाइन अभियानों से जन्मी कॉकरोच जनता पार्टी ने अपने पहले ही जमीनी प्रदर्शन में इतनी बड़ी भीड़ कैसे जुटा ली दिल्ली के जंतर मंतर पर आज पार्टी के बैनर तले हुए प्रदर्शन ने केवल राष्ट्रीय राजनीति में हलचल नहीं मचाई, बल्कि देश के सामाजिक और युवा विमर्श को भी नई दिशा दे दी है। एक नई नवेली पार्टी के पहले ही कार्यक्रम में जिस तरह युवाओं की भारी भीड़ उमड़ी, उसने पारंपरिक राजनीति के लिए साफ संदेश दे दिया है कि जेन जी अब नए तरह की राजनीति और नए चेहरों की तलाश में है। जंतर मंतर पर जुटे प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा रही। प्रदर्शनकारियों ने जोरदार नारेबाजी करते हुए शिक्षा व्यवस्था में लगातार सामने आ रही खामियों और नाकामियों को मुद्दा बनाया। युवाओं का आरोप है कि धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल में शिक्षा माफिया का प्रभाव बढ़ा है, कभी पेपर लीक तो कभी सिस्टम की लापरवाही के कारण छात्रों का भविष्य लगातार संकट में पड़ रहा है। प्रदर्शन में शामिल युवाओं का कहना था कि ऐसी परिस्थितियों में शिक्षा मंत्री को पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की रही कि सोशल मीडिया और ऑनलाइन अभियानों से जन्मी कॉकरोच जनता पार्टी ने अपने पहले ही जमीनी प्रदर्शन में इतनी बड़ी भीड़ कैसे जुटा ली इससे यह संकेत भी मिला कि डिजिटल मंचों पर चलने वाले अभियान अब सड़कों पर भी असर दिखाने लगे हैं। हालांकि राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस नई पार्टी की वास्तविक ताकत और भविष्य का आकलन करना अभी जल्दबाजी होगी। दिलचस्प बात यह भी है कि अपने इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए कॉकरोच जनता पार्टी ने कांग्रेस की युवा इकाई अखिल भारतीय युवा कांग्रेस से समर्थन मांगा था,  लेकिन युवा कांग्रेस ने इससे दूरी बनाकर रखने का फैसला किया।
प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान सहित कई महत्वपूर्ण नेताओं के आवासों के बाहर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। इससे पहले दिल्ली उच्च न्यायालय ने प्रदर्शन के संबंध में भीड़ नियंत्रण और रोकथाम के उपायों की मांग करने वाली जनहित याचिका पर तत्काल सुनवाई से इंकार कर दिया था। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके को प्रदर्शन की अनुमति प्रदान कर दी थी।
उधरए अमेरिका से नई दिल्ली पहुंचे अभिजीत दिपके का इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर जोरदार स्वागत किया गया और सुरक्षा व्यवस्था के बीच उन्हें प्रदर्शन स्थल के लिए रवाना किया गया। हवाई अड्डे से बाहर निकलते समय अभिजीत दिपके ने पत्रकारों से कहा कि शिक्षा मंत्री को तत्काल इस्तीफा देना चाहिए क्योंकि पांच छात्रों ने आत्महत्या की है। उन्होंने इस मुद्दे को युवाओं और छात्रों के भविष्य से जुड़ा गंभीर मामला बताया। दिपके ने प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्ण ढंग से विरोध करने की अपील की। उन्होंने समर्थकों से कहा कि वे अपने साथ किताब और तिरंगा लेकर आएं। साथ ही उन्होंने सुरक्षा कर्मियों के सम्मान में फूल लाने की भी अपील की ताकि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण और अनुशासित बना रहे।
उधरए जंतर मंतर पर मौजूद कॉकरोच जनता पार्टी के प्रमुख सदस्य सौरव दास ने भी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मंत्री अयोग्य साबित हुए हैं और उन्हें या तो स्वयं इस्तीफा देना चाहिए अथवा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उन्हें मंत्रिमंडल से हटाना चाहिए। सौरव दास ने कहा कि जवाबदेही और सहयोग की संस्कृति को मजबूत करना जरूरी है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह युवाओं द्वारा चलाया जा रहा राजनीतिक आंदोलन है और प्रदर्शनकारी पुलिस के साथ पूरा सहयोग करेंगे।
हम आपको बता दें कि कॉकरोच जनता पार्टी ने सोशल मीडिया पर भी अपने आंदोलन को तेज किया है। पार्टी के आधिकारिक संदेश में कहा गया कि भारतीय संविधान के पूर्ण समर्थन के साथ जंतर मंतर पर सुबह दस बजे से प्रदर्शन शुरू किया गया। इस दौरान अभिजीत दिपके को डॉक्टर भीमराव आंबेडकर की आत्मकथा हाथ में लिए देखा गया। उनके साथ पार्टी के प्रवक्ता और मुख्य सदस्य आशुतोष रांका भी मौजूद थे।
हम आपको बता दें कि कॉकरोच जनता पार्टी की शुरुआत एक व्यंग्यात्मक ऑनलाइन अभियान के रूप में हुई थी। यह अभियान उस समय चर्चा में आया जब प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत ने एक सुनवाई के दौरान फर्जी कानून डिग्री वाले कुछ बेरोजगार युवाओं की तुलना कॉकरोच से की थी। इस टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर व्यापक बहस शुरू हुई और धीरे धीरे यह व्यंग्यात्मक राजनीतिक आंदोलन के रूप में सामने आया। आंदोलन को सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक और अभिनेता प्रकाश राज जैसे कई चर्चित लोगों का समर्थन भी मिला।
उधर, अभिजीत दिपके की पृष्ठभूमि भी चर्चा का विषय बनी हुई है। पुणे में पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद वह उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका चले गए। वर्तमान में वह बोस्टन विश्वविद्यालय में जनसंपर्क विषय में परास्नातक की पढ़ाई कर रहे हैं। वर्ष 2020 से 2023 तक उन्होंने आम आदमी पार्टी की सोशल मीडिया टीम के साथ भी काम किया था। दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने युवा मतदाताओं को आकर्षित करने वाले हास्य और मीम आधारित प्रचार अभियान में भूमिका निभाई थी।
वहीं, इस आंदोलन के तेजी से बढ़ते प्रभाव ने अभिजीत दिपके के परिवार की चिंता भी बढ़ा दी है। महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में रहने वाले उनके माता पिता भगवान दिपके और अनीता दिपके ने एक मराठी टीवी समाचार चैनल से बातचीत में कहा कि उन्हें डर है कि राजनीतिक व्यंग्य के कारण उनका बेटा कानूनी विवाद या गिरफ्तारी का सामना कर सकता है। हालांकि इसके बावजूद कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थकों का उत्साह लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है और जंतर मंतर का यह प्रदर्शन अब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का केंद्र बन गया है।

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