भाजपा की सरकार आने के बाद बांग्लादेशी घुसपैठिए का पलायन जारी
जलपाईगुड़ी होल्डिंग सेंटर 21 से अधिक घुसपैठिए को रखा गया ।
अजित प्रसाद/ जलपाईगुड़ी: पश्चिम बंगाल में अवैध बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ चल रहे राज्यव्यापी धरपकड़ अभियान के बीच जलपाईगुड़ी जिले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। भारत-बांग्लादेश सीमा पर स्थित हकीमपुर (बशीरहाट) से हिरासत में लिए गए २१ बांग्लादेशी नागरिकों को गुरुवार रात जलपाईगुड़ी सदर ब्लॉक के राजबाड़ी पाड़ा इंदिरा गांधी कॉलोनी स्थित आरटीसी (RTC) होल्डिंग सेंटर में लाया गया है। इसके अलावा राजगंज के फाटापुकर स्थित होल्डिंग सेंटर में भी भारी संख्या में बांग्लादेशी नागरिकों को अस्थायी रूप से रखा गया है।कड़े पुलिस पहरे और CCTV की निगरानी में होल्डिंग सेंटर पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, कुछ ही दिन पहले इस होल्डिंग सेंटर में १० बांग्लादेशी नागरिकों को रखा गया था, जिनमें से ९ को कानूनी प्रक्रिया पूरी कर वापस सीमा पार (बांग्लादेश) भेज दिया गया है।
वहीं, एक बांग्लादेशी नागरिक की तबीयत खराब होने के कारण उसका जलपाईगुड़ी अस्पताल में इलाज चल रहा है। वर्तमान में नए आए २१ नागरिकों के बाद होल्डिंग सेंटर की सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। पूरे परिसर को टिन की चादरों से घेर दिया गया है और चौबीसों घंटे निगरानी के लिए सघन सीसीटीवी (CCTV) कैमरे लगाए गए हैं। सुरक्षा में पुलिस बल के साथ सिविक वॉलंटियर्स को तैनात किया गया है।फाटापुकर होल्डिंग सेंटर में भी २६ लोग शिफ्टइसी अभियान के तहत जलपाईगुड़ी जिले के राजगंज अंतर्गत फाटापुकर में बनाए गए एक अन्य होल्डिंग सेंटर में भी २६ बांग्लादेशी नागरिकों को अस्थायी रूप से रखा गया है। बशीरहाट सीमा से एक बस के जरिए इन्हें यहाँ लाया गया। इस समूह में:महिलाएं: १५बच्चे: ७पुरुष: ४३-৪ साल पहले अवैध रूप से की थी घुसपैठप्रारंभिक जांच और पूछताछ में यह बात सामने आई है कि ये सभी बांग्लादेशी नागरिक लगभग ३ से ४ साल पहले अवैध रूप से अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर भारत में दाखिल हुए थे। ये लोग भारत के अलग-अलग हिस्सों में छिपकर रिक्शा चालक, दिहाड़ी मजदूर और रंग-मिस्त्री (पेंटर) जैसे छोटे-मोटे काम कर अपना गुजारा कर रहे थे। होल्डिंग सेंटर के भीतर इनके रहने, खाने-पीने और शौचालय की पूरी व्यवस्था प्रशासन द्वारा की गई है। हालांकि, इन पकड़े गए बांग्लादेशी नागरिकों को लेकर प्रशासन का अगला कदम क्या होगा और इन्हें कब वापस भेजा जाएगा, इस पर पुलिस ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।

