इंडिगो की आढ़ में अडानी ग्रुप द्वारा यात्रियों से अरबों कमाने के लिए दोषी केन्द्र सरकार -राकेशमणि पाण्डेय

 

सुनील बाजपेई
कानपुर। इंडिगो एयरलाइन्स ने यात्री हितों के खिलाफ कानून और नियमों को ठेंगा दिखाते जिस तरह की मनमानी करती है, जिसका एक बड़ा उदाहरण उसने हाल में ही यात्रियों के खिलाफ पेश किया जिससे यार साफ साबित होता है कि इंडिगो का एक मात्रा इरादा केवल अडानी ग्रुप को अधिक से अधिक आर्थिक लाभ पहुंचाना है। सच है यह भी है कि अडानी ग्रुप द्वारा पाइलेट प्रशिक्षण केन्द्र के एक सप्ताह पूर्व में लेने और सभी पाइलटो को जबरन प्रशिक्षित कराने ,उन्हें अवकाश पर भेजे जाने और इनकी कमी को दर्शाने के कारण यह अफरा तफरी मची है। यह भी सच किसी से छिपा नहीं है कि जो रू० 4 हजार की टिकट 40 हजार में बेचे जा रहे है और लोगो को टिकट लेने के लिए मजबूर किया जा रहा है। वह सरकार की अक्रमणीयता का नतीजा है और यह पूंजीपतियों को लाभ को केन्द्रित करने और सरकार व जनता को त्रसित करने के अतिरिक्त कुछ नहीं है। सरकार इस सम्बन्ध में कुछ नहीं कर पा रही है। मतलब सरकार ने अपने को इनके सामने गिरवी रख दिया है। यही कारण है कि वहखुलेआमइन सभी के संरक्षण में भी खड़ी हुई है।
हिन्द मजदूर किसान पंचायत के के राष्ट्रीय सचिव व प्रदेश महामंत्री राकेशमणि पाण्डेय ने चेतावनी देते हुए कहा कि यही रवैया पूंजीपतियों का सरकार के प्रति रहा तो जल्दी ही खाद्य एवं आवश्यक वस्तुओं पर पूंजीपतियों का नियंत्रण होगा और आम आदमी रोटी के लिए भी तरस जायेगा। वर्तमान स्थिति सरकार की नीतियों का परिणाम है और अंधाधुन धनपशुओं को लाभ देने के लिए इन्हे खुली छूट दे दी है। विमान का किराया 4 से 10 गुना बढाया जाना यह बढोत्तरी नहीं है बल्कि डकैती है और इसमें पूरी सरकार की सहभागिता है। जिसकी कठोर निन्दा की जानी चाहिए।
राकेशमणि पाण्डेय ने मांग की कि ऐसी पूंजीवादी व्यवस्था को निस्तेनाबुत किया जाये और किराये पर नियंत्रण सरकार का हो, विलम्ब होने पर यात्रियों को मुफ्त चाय भोजन व पानी, मेडिकल आदि की अनिवार्य व्यवस्था हो और इसमें कोताही करने वाली एयरलाइन्स अधिकारियो के विरूद्ध कठोर कार्यवाही हो। यह कितना दुर्भाग्य है कि एयरलाईन्स कम्पनियों स्थिति का फायदा उठाकर कई गुना किराये में बढोत्तरी करती है और वही हवाई अड्डे की जिम्मेदारी पूंजीपति लोग हवाई अड्डो पर बाहर 10 से 15 रूपये में मिलने वाली चाय के 300 से 500 रूपये प्रति कप वसूलते है । वरिष्ठ श्रमिक नेता राजेंद्र पांडे ने सवाल उठाया कि यह लूट व डकैती नहीं तो फिर क्या है।
मोदी अपने भाषणों में लगातार कहते रहे है कि हम चप्पल पहनने वाले लोगो को हवाई यात्रा में देखना चाहते है। यदि उपरोक्त व्यवस्था बनी रही तो एक विस्फोटक स्थिति बनेगी जो सरकार के छवि के लिए ठीक नहीं होगा।
राकेशमणि पाण्डेय ने सरकार से अपील कि है कि वह धन कुबेरो को लाभ पहुँचाने का कार्य न करे और उन्हें संरक्षित करने का कार्य न करें किराया व व्यवस्था की जिम्मेदारी सरकार अपने नियंत्रण में ले और अनावश्यक किराया बढ़ाने, प्लेटफार्मों पर अवैध रूप से वसूली किये जाने खान पान में बेतहासा वृद्धि करने के विरूद्ध समुचित व कठोर कार्यवाही अपनाये।
इस सम्बन्ध में राकेशमणि पाण्डेय ने भारत सरकार के जिम्मेदार अधिकारियों और राजपत्रित अधिकारियों के साथ-साथ भारत सरकार के विभिन्न अधिकारियों को भी पत्र भेज कर कार्रवाई की मांग की है।

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