नीट-यूजी फर्जीवाड़ा मामला
दो मास्टरमाइंड पर टिकी पुलिस की नजर
-पहले भी जांच एजेंसियों के रडार पर रहा अर्पित
भारत पोस्ट संवाददाता
लखीसराय। लखीसराय में नीट-यूजी परीक्षा फर्जीवाड़ा मामले की जांच जैसे.जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे.वैसे नए खुलासे सामने आ रहे हैं। पुलिस की नजर अब दो कथित मास्टरमाइंड पर टिकी है। जिनसे पूछताछ के आधार पर पूरे सॉल्वर गिरोह और नेटवर्क का पर्दाफाश होने की उम्मीद जताई जा रही है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार गिरफ्तार अर्पित सिंह और अश्विनी कुमार उर्फ मयंक कश्यप पूरे नेटवर्क की अहम कड़ी माने जा रहे हैं। दोनों से लगातार पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि अब तक की जांच में कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं और गिरफ्तार आरोपियों की संख्या में और वृद्धि हो सकती है।
जानकारी के अनुसार अर्पित सिंह मूल रूप से मुजफ्फरपुर जिले का निवासी है और गया स्थित एएनएमसीएच में एमबीबीएस चौथे वर्ष का छात्र बताया गया है। पुलिस के मुताबिक वर्ष 2024 में भी वह जांच एजेंसियों के रडार पर आ चुका था। उस समय उससे पूछताछ की गई थी। लेकिन पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर उसे छोड़ दिया गया था।
जांच के दौरान दूसरा कथित मास्टरमाइंड मयंक कश्यप सबसे बड़ा खुलासा बनकर सामने आया है। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार गिरफ्तारी के बाद उसने खुद को मयंक कश्यप बताते हुए विभिन्न पहचान पत्र भी दिखाए। हालांकि बाद में पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल से मिली जानकारी में पता चला कि वह वहां अश्विनी कुमार के नाम से पंजीकृत छात्र है। अधिकारियों का कहना है कि उसकी वास्तविक पहचान और पूर्व गतिविधियों की गहन जांच की जा रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि उसने पहले किसी अन्य परीक्षा में इसी तरह की भूमिका निभाई थी या नहीं।
जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि अर्पित सिंह के कब्जे से जुड़े इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पूरे नेटवर्क का राज खोल सकते हैं। उसकी गिरफ्तारी के बाद गया स्थित हॉस्टल के कमरे की तलाशी में एक टैब बरामद किया गया है। पुलिस का मानना है कि इसमें सॉल्वर गैंग, संपर्क सूत्रों और अन्य गतिविधियों से जुड़े महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य मिल सकते हैं। मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश में कई स्थानों पर छापेमारी की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे गिरोह की संरचना और उसकी कार्यप्रणाली स्पष्ट हो सकेगी।



