गुटबाजी पर अखिलेश यादव सख्त

-बड़े नेताओं को लखनऊ बुलाकर दी हिदायत

भारत पोस्ट संवाददाता
मुरादाबाद। मुरादाबाद की गुटबाजी पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव सख्त दिखाई दिए हैं। उन्होंने स्थानीय नेताओं के पेंच कसे हैं। पीडीए बैठक से सांसद रुचि वीरा को दूर रखने के विवाद पर उन्होंने लखनऊ में पांच नेता तलब किए। बैठक में उन्होंने मुरादाबाद के पांच प्रमुख नेताओं को बुलाकर पूरे मामले की जानकारी ली और साफ संदेश दिया कि गुटबाजी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
समाजवादी पार्टी में मुरादाबाद की सियासत इन दिनों अंदरूनी खींचतान के कारण गरमाई हुई है। पीडीए बैठक में सांसद रुचि वीरा को न बुलाने और कार्यक्रम के पोस्टर.बैनरों से उनका फोटो गायब रहने के विवाद ने ऐसा तूल पकड़ा कि आखिरकार सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को खुद हस्तक्षेप करना पड़ा।
बृहस्पतिवार को लखनऊ में हुई अहम बैठक में उन्होंने मुरादाबाद के पांच प्रमुख नेताओं को बुलाकर पूरे मामले की जानकारी ली और साफ संदेश दिया कि गुटबाजी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में सांसद रुचि वीरा, राज्यसभा सांसद जावेद अली, पूर्व मंत्री एवं विधायक कमाल अख्तर, जिलाध्यक्ष जयवीर यादव और पूर्व विधायक यूसुफ अंसारी मौजूद रहे।
सूत्रों के अनुसार, सबसे पहले रुचि वीरा ने अपनी शिकायत रखते हुए कहा कि मुरादाबाद में उनके खिलाफ लगातार माहौल बनाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पीडीए बैठक में उन्हें जानबूझकर नहीं बुलाया गया और पोस्टरों से उनका फोटो भी हटाया गया। इसके पीछे उन्होंने कमाल अख्तर की भूमिका होने की बात कही। रुचि वीरा ने अखिलेश यादव से साफ कहा कि उनकी नाराजगी पार्टी या राष्ट्रीय नेतृत्व से नहीं, बल्कि स्थानीय स्तर पर गुटबाजी करने वाले नेताओं से है। उनका कहना था कि इस विवाद से भाजपा को सपा पर महिलाओं के सम्मान को लेकर सवाल उठाने का मौका मिल गया।
वहीं, कमाल अख्तर ने आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि वह केवल आमंत्रित होने पर कार्यक्रम में पहुंचे थे। आयोजन और पोस्टर तैयार कराने से उनका कोई संबंध नहीं था। उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि सांसद बनने के बाद रुचि वीरा ने भी अपने पोस्टरों और होर्डिंग्स में किसी विधायक या वरिष्ठ नेता को जगह नहीं दी, इसलिए उन पर लगाए जा रहे आरोप बेबुनियाद हैं।
राज्यसभा सांसद जावेद अली ने भी खुद को पूरे विवाद से अलग बताते हुए कहा कि वह मुख्य अतिथि के तौर पर कार्यक्रम में शामिल हुए थे। किसे बुलाया गया और किसका फोटो लगाया गया, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। बैठक के दौरान अखिलेश यादव ने जिलाध्यक्ष जयवीर यादव और पूर्व विधायक यूसुफ अंसारी से भी तीखे सवाल किए।
उन्होंने पूछा कि संगठन में गुटबाजी क्यों बढ़ रही है और पीडीए बैठक के आयोजन की अनुमति पार्टी मुख्यालय से क्यों नहीं ली गई। महानगर संगठन की कार्यप्रणाली पर भी उन्होंने नाराजगी जताई। जिलाध्यक्ष जयवीर यादव ने सफाई देते हुए कहा कि कार्यक्रम का आयोजन महानगर अध्यक्ष की ओर से किया गया था। वह केवल जिला अध्यक्ष होने के नाते वहां पहुंचे थे।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि जिले के सभी नेताओं को साथ बैठाकर मतभेद दूर किए जाएंगे। सूत्रों का कहना है कि बैठक के अंत में अखिलेश यादव ने कहा कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। साथ ही सभी नेताओं को आपसी मतभेद भुलाकर संगठन को मजबूत करने और भविष्य में ऐसी शिकायत दोबारा न आने देने की हिदायत दी।

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