हूल दिवस पर पहली बार जंगलमहल पहुंचे मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी
* राज्य स्तरीय कार्यक्रम में शहीद सिदो-कान्हू समेत सभी हूल वीरों को दी श्रद्धांजलि
अजित प्रसाद/ बांकुड़ा : हूल दिवस के अवसर पर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार जंगलमहल पहुंचे। बांकुड़ा जिले के मुकुटमणिपुर में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में उन्होंने संथाल हूल के अमर शहीद सिदो, कान्हू, चाँद, भैरव, फूलो और झानो की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धासुमन अर्पित किए।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि 30 जून 1855 को शुरू हुआ संथाल हूल भारतीय इतिहास में आदिवासी समाज के स्वाभिमान, साहस और अन्याय के विरुद्ध संघर्ष का एक ऐतिहासिक अध्याय है। उन्होंने कहा कि हूल के वीरों का बलिदान देश की आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा। उन्होंने आदिवासी समाज की सांस्कृतिक विरासत को राज्य की अमूल्य धरोहर बताते हुए उसके संरक्षण और संवर्धन के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जंगलमहल क्षेत्र के विकास के लिए राज्य सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल और रोजगार के क्षेत्र में लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने विभिन्न विकास योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य क्षेत्र के लोगों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाना है।
समारोह में बड़ी संख्या में आदिवासी समुदाय के लोग, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इस दौरान संथाली लोकनृत्य, पारंपरिक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और हूल दिवस पर आधारित कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने हूल के अमर शहीदों के आदर्शों पर चलने तथा समाज में एकता, भाईचारे और सामाजिक न्याय को मजबूत करने का संकल्प लिया।



