भारत ने 23 पाकिस्तानियों को किया आतंकी घोषित
-जैशएतैयबा और दूसरे आतंकी संगठनों से जुड़े हैं तार
भारत पोस्ट संवाददाता
नई दिल्ली। भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने पाकिस्तान में मौजूद 23 लोगों को गैरकानूनी गतिविधियां ;रोकथाम कानून के तहत आतंकवादी घोषित किया है। मंत्रालय के अनुसार, ये लोग जैश.ए.मोहम्मद लश्कर.ए.तैयबा और दूसरे आतंकी संगठनों से जुड़े हैं। इन पर जम्मू.कश्मीर में घुसपैठ कराने, आतंकियों की भर्ती करने, हथियार पहुंचाने और हमलों की साजिश रचने जैसे गंभीर आरोप हैं। सरकार का कहना है कि ये सभी लंबे समय से आतंकी गतिविधियों में शामिल रहे हैं। आतंकवादी घोषित किए गए लोगों में लश्कर.ए.तैयबा के संस्थापक हाफिज सईद के कई करीबी सहयोगी भी शामिल हैं। हाफिज सईद पर भारत में हुए कई बड़े आतंकी हमलों की साजिश रचने का आरोप है।
केंद्र सरकार ने अगस्त 2019 में यूपीए कानून में बदलाव किया था। पहले इस कानून के तहत सिर्फ संगठनों को ही आतंकी घोषित किया जा सकता था। लेकिन काननू में बदलाव के बाद किसी व्यक्ति को भी आतंकवादी घोषित करने का प्रावधान जोड़ दिया गया। इसके बाद एनआईए जैसी जांच एजेंसियां ऐसे लोगों की संपत्ति जब्त कर सकती हैं और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई कर सकती हैं।
आतंकवादी घोषित लोगों की मौजूदा लिस्ट में हाफिज सईद, जैश.ए.मोहम्मद प्रमुख मौलाना मसूद अजहर, 26/11 मुंबई हमलों के साजिशकर्ता जकी.उर.रहमान लखवी, फरार अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम और अमेरिका में रहने वाला खालिस्तानी नेता गुरपतवंत सिंह पन्नू जैसे नाम शामिल हैं। नए 23 नाम जोड़ने के बाद अब सरकार की आतंकी सूची में कुल 80 लोगों के नाम शामिल हो गए हैं।
शनिवार ;4 जुलाई सुबह जारी अधिसूचना के मुताबिक, सरकार ने जिन लोगों को आतंकवादी घोषित किया है, उनमें हाफिज सईद के तीन करीबी सहयोगी भी शामिल हैं। इनमें अब्दुल रऊफ, जो लश्कर.ए.तैयबा और जमात.उद.दावा का सदस्य है। हाफिज खालिद वलीद, जो एलएटी और जेयूडी का बड़ा नेता है. लिस्ट में राणा इफ्तिखार का नाम भी शामिल हैं। राणा पर युवाओं का ब्रेन वॉश करके आतंकवादी गतिविधियों में शामिल करने का आरोप है।

