मावां.धीयां सत्कार योजना के फॉर्म भरने पर बवाल
-महिलाओं ने किया हंगामा, पार्षदों पर पक्षपात के आरोप
भारत पोस्ट संवाददाता
बठिंडा। पंजाब सरकार की मावां.धीयां सत्कार योजना के तहत आवेदन प्रक्रिया को लेकर शनिवार को बठिंडा के लाल सिंह नगर और बेअंत नगर में विवाद खड़ा हो गया। योजना के फॉर्म भरवाने पहुंचीं महिलाओं ने स्थानीय पार्षदों पर पक्षपात के आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया और नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि पात्र महिलाओं के बजाय कथित तौर पर राजनीतिक आधार पर आवेदन स्वीकार किए जा रहे हैं, जिससे योजना की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने कहा कि सरकार ने योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से पात्र महिलाओं को लाभ पहुंचाना बताया है, लेकिन जमीनी स्तर पर आवेदन प्रक्रिया समान रूप से नहीं चल रही। उनका आरोप है कि कई महिलाएं पिछले कई दिनों से जरूरी दस्तावेज लेकर लगातार चक्कर लगा रही हैं, फिर भी उनके आवेदन स्वीकार नहीं किए जा रहे। दूसरी ओर कुछ लोगों के फॉर्म प्राथमिकता के आधार पर तुरंत ऑनलाइन किए जा रहे हैं।
महिलाओं का कहना था कि आवेदन स्वीकार करने और उन्हें ऑनलाइन करने की प्रक्रिया में स्पष्ट नियमों का पालन नहीं किया जा रहा। यदि किसी दस्तावेज में कोई कमी है तो उसकी जानकारी भी स्पष्ट रूप से नहीं दी जाती। कई महिलाओं को बिना कोई ठोस कारण बताए वापस भेज दिया जाता है, जिससे उन्हें बार.बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि कुछ पार्षद अपने समर्थकों के आवेदन पहले ऑनलाइन करवा रहे हैं, जबकि अन्य पात्र महिलाओं को इंतजार करने के लिए कहा जा रहा है। इसी कथित भेदभाव के विरोध में महिलाओं ने रोष प्रदर्शन किया और निष्पक्ष व्यवस्था लागू करने की मांग उठाई। महिलाओं ने यह भी कहा कि योजना के तहत आवेदन भरने की जिम्मेदारी श्सखियों को दी गई थी, लेकिन अब स्थानीय स्तर पर पार्षदों का हस्तक्षेप बढ़ने की शिकायतें सामने आ रही हैं। उनका कहना था कि यदि यही स्थिति बनी रही तो पात्र लाभार्थियों का योजना से भरोसा उठ सकता है।
प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने कहा कि योजना का नाम मावां.धीयां सतिकार योजना रखा गया है, लेकिन यदि पात्र महिलाओं के साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार किया जाएगा तो यह योजना अपने उद्देश्य से भटक जाएगी। उन्होंने मांग की कि आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी बनाई जाए और सभी पात्र महिलाओं को बिना किसी भेदभाव के समान अवसर दिया जाए।
महिलाओं ने प्रशासन से यह भी मांग की कि यदि आवेदन प्रक्रिया में कहीं भी अनियमितता या पक्षपात हुआ है तो उसकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए। उनका कहना था कि सरकारी योजनाओं का लाभ केवल पात्रता के आधार पर मिलना चाहिए, न कि किसी राजनीतिक या व्यक्तिगत प्रभाव के आधार पर। उल्लेखनीय है कि मावां.धीयां सतिकार योजना को लेकर पूरे पंजाब में महिलाओं में काफी उत्साह है और बड़ी संख्या में आवेदन किए जा रहे हैं। ऐसे में प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती आवेदन प्रक्रिया को पारदर्शी, व्यवस्थित और निष्पक्ष बनाए रखने की है, ताकि योजना का लाभ वास्तविक पात्र महिलाओं तक बिना किसी भेदभाव के पहुंच सके।



