तृणमूल भवन पर ‘ऋतब्रत टीएमसी’ का कब्जा, फिरहाद हकीम और संदीपन साहा समेत कई विधायक पहुंचे

 

 अजित प्रसाद/कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है। बीती २ जुलाई को चुनाव आयोग (EC) के साथ महत्वपूर्ण बैठक करने के बाद, अब ‘ऋतब्रत तृणमूल’ गुट ने कोलकाता के मेट्रोपॉलिटन स्थित तृणमूल भवन पर व्यावहारिक रूप से अपना नियंत्रण यानी ‘कब्जा’ कर लिया है। इस घटनाक्रम के बाद राज्य के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।मेट्रोपॉलिटन कार्यालय पहुंचे कई दिग्गज विधायक मिली जानकारी के अनुसार, ऋतब्रत बंदोपाध्याय के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कई भारी-भरकम नेता और विधायक अचानक मेट्रोपॉलिटन स्थित पार्टी के इस महत्वपूर्ण कार्यालय में जा पहुंचे। ऋतब्रत बंदोपाध्याय के अलावा वहां पहुंचने वाले नेताओं में कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम, विधायक संदीपन साहा, जावेद खान, अखरुज्जमां और प्रसून बंदोपाध्याय समेत कई अन्य प्रमुख विधायक और नेता शामिल हैं।

राजनीतिक समीकरण बदलने के संकेतपार्टी के शीर्ष नेताओं और विधायकों का इस तरह एक साथ मेट्रोपॉलिटन के तृणमूल भवन में पहुंचना और वहां का नियंत्रण अपने हाथ में लेना एक बड़े राजनीतिक बदलाव का संकेत माना जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि २ जुलाई को चुनाव आयोग के साथ हुई बैठक के तुरंत बाद इस रणनीति को अंजाम दिया गया है।इस घटना के बाद से ही कार्यालय और उसके आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ‘ऋतब्रत तृणमूल का यह कदम आने वाले दिनों में पार्टी के भीतर और राज्य की राजनीति में नए समीकरण पैदा कर सकता है। फिलहाल इस पूरे मामले पर विरोधी खेमे और पार्टी के अन्य गुटों की प्रतिक्रिया का इंतजार है।

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