संसद के बाहर विपक्ष का प्रदर्शन विपक्ष ने की अमित शाह के इस्तीफे की मांग
-पप्पू यादव ने साधु बनकर बटोरा चंदा
भारत पोस्ट संवाददाता
नई दिल्ली। निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने साधु के कपड़े पहनकर शुक्रवार को संसद परिसर में अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे में कथित चोरी को दिखाने वाला प्रदर्शन किया। इस दौरान उनके साथ विपक्ष के कई अन्य सांसद भी मौजूद थे। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी भी इस प्रदर्शन में शामिल हुए। यह प्रदर्शन अयोध्या राम मंदिर चंदे में कथित चोरी और 20 जुलाई को छात्रों के संसद मार्च के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में किया गया।
इंडिया ब्लॉक के सांसदों ने गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने सदन की कार्यवाही में अमित शाह की गैरमौजूदगी पर भी सवाल उठाए। सांसदों ने संसद के मकर द्वार के सामने प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने नारे लगाए. ;अमित शाह इस्तीफा दोश्, अमित शाह सदन में आओ’ और श्चढ़ावा चोर गद्दी छोड़’। सांसदों ने संसद के मकर द्वार की सीढ़ियों के सामने दान पेटियां रखीं। निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव साधु के भेष में इन पेटियों के साथ बैठ गए। प्रदर्शन के दौरान एक नाटक के जरिये संदेश देने की कोशिश की गई। इसमें राहुल गांधी समेत अन्य सांसदों ने पेटियों में पैसे डाले। वहीं, पप्पू यादव ने पैसे अपनी जेब में रखे और इसे राम मंदिर चढ़ावे में कथित चोरी के आरोपों के प्रतीक के तौर पर दिखाया।
इस प्रदर्शन में प्रियंका गांधी वाड्रा, समाजवादी पार्टी के अवधेश प्रसाद और धर्मेंद्र यादव, झारखंड मुक्ति मोर्चा की महुआ माजी समेत कई अन्य नेता शामिल हुए। सभी सांसद एक बड़े बैनर के पीछे खड़े थे, जिस पर लिखा था. अमित शाह सदन से गायब क्यों? इंडिया ब्लॉक ने कहा है कि वह सरकार को कथित चढ़ावा चोरी के आरोपों और नीट पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर ‘कठोर कार्रवाई’ के मुद्दे पर घेरता रहेगा।
इससे पहले, बुधवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की जवाबदेही की मांग का समर्थन किया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि छात्रों पर हुए ‘घातक हमले के लिए भाजपा जिम्मेदार है। खरगे ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, हमारे युवाओं और छात्रों पर पैलेट गन चलाई गई। या तो यह गृह मंत्री अमित शाह की मंजूरी से हुआ या फिर उनकी जानकारी और निर्देश पर हुआ। दोनों ही स्थितियां गृह मंत्री या प्रधानमंत्री की जिम्मेदारी पर सवाल उठाती हैं।
उन्होंने कहा कि भाजपा ने युवाओं पर घातक हमला किया है और यही सच्चाई है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि अमित शाह या तो इस मामले के लिए जिम्मेदार हैं या फिर इस पद के लिए सक्षम नहीं हैं। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में इस मामले की स्वतंत्र जांच की मांग की थी।

