रेलवे ट्रैक उड़ाने की साजिश का पर्दाफाश
-पाकिस्तानी आकाओं को भेजते थे ट्रैक के फुटेज
विशेष संवाददाता
अमृतसर। स्वतंत्रता दिवस से पहले रेलवे ट्रैक को निशाना बनाकर बड़ी आतंकी वारदात की साजिश को अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने विफल कर दिया है। पुलिस ने आईएसआई समर्थित दो सीमा पार आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें चार नाबालिग भी शामिल हैं। आरोपियों के कब्जे से तीन अवैध पिस्तौलए नौ जिंदा कारतूस, चार पेट्रोल बम और चोरी की एक मोटरसाइकिल बरामद हुई है।
पुलिस आयुक्त गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि आरोपी विदेश में बैठे आईएसआई हैंडलरों के संपर्क में थे। उनके निर्देश पर सुरक्षा प्रतिष्ठानों की रेकी की जा रही थी। स्थानीय युवाओं की भर्ती और अवैध हथियारों की आपूर्ति भी साजिश का हिस्सा थी। रेलवे ट्रैक के पास निगरानी कैमरे लगाए गए थे। इनकी फुटेज पाकिस्तान भेजी जा रही थी। इसका उद्देश्य ट्रेनों की आवाजाही और सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखना था। जांच में सामने आया कि आरोपी पाकिस्तान में बैठे हैंडलरों के अंतिम आदेश का इंतजार कर रहे थे।
गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने पहले वंश कुमार और एक नाबालिग को गिरफ्तार किया। इनके पास से .32 बोर की पिस्तौल और तीन कारतूस मिले। पूछताछ में हथियार आपूर्ति करने वाले अनमोल सिंह उर्फ साहिल का नाम सामने आयाए जिसे बाद में पकड़ा गया।जांच में पता चला कि रेलवे ट्रैक के पास कैमरे लगाने के लिए पेटीएम के जरिये भुगतान हुआ था। यह भुगतान केंद्रीय जेल अमृतसर में बंद सुखदेव सिंह ने हरमन सिंह उर्फ हम्मू के कहने पर कराया था। दोनों को प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया गया और मामले की जांच जीआरपी को सौंप दी गई है।



