होर्डिंग विवाद में अभिषेक बनर्जी से छह घंटे पूछताछ, पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
अजित प्रसाद
कोलकाता : तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं सांसद अभिषेक बनर्जी के कैमक स्ट्रीट स्थित कार्यालय से कथित तौर पर अनधिकृत होर्डिंग हटाने के दौरान हुई झड़प के मामले में मंगलवार को कोलकाता पुलिस ने उनसे करीब छह घंटे तक पूछताछ की। पूछताछ के बाद अभिषेक बनर्जी ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ राजनीतिक मंशा से कार्रवाई की जा रही है।
शेक्सपीयर सरणी थाने में पूछताछ के बाद बाहर निकले अभिषेक बनर्जी ने पत्रकारों से बातचीत में दावा किया कि उनके कार्यालय से होर्डिंग हटाने के लिए बड़ी संख्या में अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को भेजा गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि करीब एक हजार लोगों को कार्रवाई के लिए भेजा गया। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
अभिषेक बनर्जी ने कहा कि अगर सरकार और पुलिस को लगता है कि मुकदमों और जांच के जरिए तृणमूल कांग्रेस को दबाया जा सकता है, तो यह उनकी गलतफहमी है। उन्होंने 27 अगस्त को हुई घटना के सिलसिले में गिरफ्तार लोगों के साथ कथित दुर्व्यवहार का आरोप भी लगाया। हालांकि, उन्होंने अपने इस आरोप के समर्थन में विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की।
क्या है पूरा मामला
दरअसल, 27 अगस्त को कोलकाता नगर निगम के अधिकारी और पुलिस की टीम कैमक स्ट्रीट स्थित अभिषेक बनर्जी के कार्यालय परिसर में सड़क की ओर बने लोहे के ढांचे पर लगे होर्डिंग को हटाने पहुंची थी। इसी दौरान वहां मौजूद निजी सुरक्षा गार्डों, तृणमूल समर्थकों और कुछ पार्टी नेताओं के साथ अधिकारियों की कथित तौर पर झड़प हो गई।
पुलिस का आरोप है कि होर्डिंग हटाने की कार्रवाई का विरोध करते हुए सरकारी अधिकारियों के काम में बाधा डाली गई और पुलिसकर्मियों के साथ हाथापाई की गई। मामले में पुलिस ने अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज कर कई लोगों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस की ओर से भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 35 के तहत भी संबंधित लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं। जांच के तहत अभिषेक बनर्जी समेत कई नेताओं और उनसे जुड़े लोगों से पूछताछ की जा रही है।
डेरेक ओ’ब्रायन को दूसरा नोटिस
इसी मामले में राज्यसभा सांसद और तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डेरेक ओ’ब्रायन को पुलिस ने दूसरा नोटिस भेजा है। उन्हें बुधवार, 2 सितंबर को जांच अधिकारी के सामने पेश होने के लिए कहा गया है। इससे पहले पुलिस ने उन्हें पूछताछ के लिए नोटिस भेजा था, लेकिन वह निर्धारित समय पर उपस्थित नहीं हुए थे। इसके बाद पुलिस की ओर से उनके आवास पर दूसरा नोटिस भेजा गया।
पुलिस इस मामले में घटना के समय कैमक स्ट्रीट स्थित कार्यालय में मौजूद लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। अभिषेक बनर्जी के अलावा डेरेक ओ’ब्रायन, पूर्व विधायक हुमायूं कबीर, वैश्वानर चट्टोपाध्याय और अभिषेक बनर्जी के निजी सहायक सुमित राय को भी पूछताछ के लिए नोटिस दिए जाने की जानकारी सामने आई है।
पुलिस ने बताया कार्रवाई का आधार
कोलकाता पुलिस का कहना है कि कार्रवाई झड़प के दौरान सामने आए आरोपों और दर्ज मामलों के आधार पर की जा रही है। पुलिस ने सरकारी अधिकारियों के काम में बाधा डालने, मारपीट, अवैध जमावड़े तथा महिला पुलिसकर्मियों के साथ कथित दुर्व्यवहार सहित विभिन्न आरोपों के तहत जांच शुरू की है।
वहीं, तृणमूल कांग्रेस की ओर से पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए गए हैं। पार्टी नेताओं का आरोप है कि पूरे मामले में राजनीतिक दबाव में कार्रवाई की जा रही है। पार्टी की ओर से पुलिस को प्राथमिकी की प्रति सार्वजनिक करने को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।
अभिषेक बनर्जी ने पूछताछ के बाद कहा कि तृणमूल कांग्रेस कानूनी और राजनीतिक स्तर पर इस कार्रवाई का सामना करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि केवल मुकदमे दर्ज करने या पुलिस कार्रवाई के जरिए पार्टी को रोका नहीं जा सकता।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। आने वाले दिनों में डेरेक ओ’ब्रायन समेत अन्य लोगों से होने वाली पूछताछ और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई कर सकती है। मामले को लेकर तृणमूल कांग्रेस और पुलिस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।



