“10 दिन के भीतर जवाब चाहिए”, जनहित के 10 मुद्दों को लेकर किसान सभा ने महाकुमा परिषद को सौंपा ज्ञापन
* सड़क, जल निकासी, डेंगू, आवास योजना और 100 दिन के काम का मुद्दा उठाया, समाधान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी
सिलीगुड़ी : जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर ऑल इंडिया किसान सभा की ओर से सिलीगुड़ी महाकुमा परिषद के सीईओ को 10 सूत्रीय मांगपत्र सौंपा गया। किसान सभा ने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं के साथ-साथ महाकुमा परिषद के कामकाज को लेकर भी कई सवाल उठाए हैं। संगठन ने प्रशासन से सभी सवालों और मांगों पर 10 दिनों के भीतर स्पष्ट जवाब देने की मांग की है।
किसान सभा के प्रतिनिधियों का आरोप है कि महाकुमा परिषद के सभापति के इस्तीफे के बाद से परिषद का कामकाज प्रभावित हुआ है। संगठन ने सवाल उठाया कि सभापति के इस्तीफे के बाद परिषद के दैनिक कामकाज का संचालन किस व्यवस्था के तहत किया जा रहा है। इसके साथ ही आम सभा बुलाने के कानूनी प्रावधान को भी स्पष्ट करने की मांग की गई है।
ज्ञापन में ग्रामीण इलाकों की बदहाल सड़कों और जल निकासी व्यवस्था को प्रमुखता से उठाया गया। किसान सभा का कहना है कि कई ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कें लंबे समय से खराब हैं, जबकि बारिश के दौरान जल निकासी की समस्या के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। संगठन ने इन समस्याओं के स्थायी समाधान की मांग की है।
आगामी दिनों में डेंगू के संभावित प्रकोप को लेकर भी किसान सभा ने प्रशासन की तैयारियों पर सवाल उठाए। संगठन ने ग्रामीण क्षेत्रों में साफ-सफाई, जलजमाव की रोकथाम और मच्छर नियंत्रण के लिए प्रभावी योजना तैयार करने की मांग की है, ताकि बीमारी फैलने की स्थिति में प्रशासन को तत्काल कार्रवाई करने में परेशानी न हो।
ज्ञापन में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत नए सर्वे का मुद्दा भी उठाया गया। किसान सभा ने मांग की कि आवास से वंचित योग्य परिवारों की पहचान के लिए जल्द नया सर्वे कराया जाए और पात्र लोगों को योजना का लाभ दिया जाए। इसके साथ ही 100 दिन के काम के बंद रहने से ग्रामीण मजदूरों पर पड़ रहे असर का मुद्दा भी उठाया गया।
किसान सभा ने विभिन्न ग्रामीण इलाकों में पशु हाट बंद रहने से किसानों और पशुपालकों को हो रही आर्थिक परेशानी का भी उल्लेख किया। संगठन का कहना है कि पशु बाजार बंद रहने से किसानों को अपने पशुओं की खरीद-बिक्री में दिक्कत हो रही है। इस समस्या का समाधान जल्द करने की मांग की गई।
इसके अलावा अन्नपूर्णा योजना, राशन वितरण और आवास योजना समेत विभिन्न सरकारी योजनाओं से वंचित योग्य लोगों को दोबारा योजनाओं के दायरे में शामिल करने की मांग की गई। रोजगार के अवसरों से वंचित ग्रामीण लोगों के लिए भी प्रभावी कदम उठाने की मांग किसान सभा ने की है।
किसान सभा ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि 10 दिनों के भीतर उठाए गए सवालों और मांगों पर स्पष्ट जवाब नहीं मिलता तथा समस्याओं के समाधान की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए जाते हैं, तो संगठन व्यापक आंदोलन शुरू करेगा। संगठन ने कहा कि ग्रामीण जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।




