मथुरा में गूंजा राष्ट्रभाषा और राष्ट्रप्रेम का स्वर, देशभर के साहित्यकारों ने किया मंथन

​उपशीर्षक: प्रेरणा हिंदी प्रचारिणी सभा के राष्ट्रीय सम्मेलन का भव्य शुभारंभ, साहित्यकारों का हुआ सम्मान व पुस्तकों का लोकार्पण ​मथुरा।

​मथुरा।
ब्रज की पावन धरा मथुरा में शनिवार को देशभर के साहित्यकारों, पत्रकारों और समाजसेवियों का महाकुंभ सजा। अवसर था ‘प्रेरणा हिंदी प्रचारिणी सभा’ के राष्ट्रीय सम्मेलन के उद्घाटन सत्र का। इस गरिमामयी समारोह में जहां एक ओर राष्ट्रभाषा हिंदी के संवर्धन व प्रसार पर जोर दिया गया, वहीं कवियों ने राष्ट्रप्रेम से ओतप्रोत रचनाएं प्रस्तुत कर पूरे माहौल को ऊर्जामय बना दिया।
​भक्तिमय माहौल में हुआ भव्य आगाज
उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में प्रयागराज से पधारे डॉ. राधेश्याम दुबे ‘श्याम फतनपुरी’ उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता बिलासपुर (छत्तीसगढ़) की डॉ. सुषमा पंड्या ने की, जबकि जबलपुर के समाजसेवी एस.एस. श्रीवास्तव ने विशिष्ट अतिथि के रूप में शिरकत की। कार्यक्रम का कुशल संचालन दिल्ली के प्रदीप मिश्र ‘अजनबी’ ने किया।
​समारोह का शुभारंभ अतिथियों द्वारा श्रीराधा-कृष्ण के पूजन-अर्चन से हुआ। इसके पश्चात मधुबनी (बिहार) की सरस्वती मल्लिक ने सुमधुर सरस्वती वंदना, भिलाई की सोनिया नायडू ने गणेश वंदना और मेरठ की सीमा शर्मा ने माता-पिता की वंदना प्रस्तुत कर आध्यात्मिक छटा बिखेरी। संस्था के संस्थापक कवि संगम त्रिपाठी, राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. लाल सिंह किरार और राष्ट्रीय सलाहकार डॉ. सोमनाथ शुक्ल (प्रयागराज) ने सभी अतिथियों का पुष्पगुच्छ भेंटकर आत्मीय स्वागत किया।
​पुस्तकों का लोकार्पण व साहित्यकारों का सम्मान
समारोह के दौरान साहित्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाली महत्वपूर्ण कृतियों का लोकार्पण किया गया। इनमें चाकघाट (रीवा) के रामलखन गुप्त द्वारा संपादित पत्रिका ‘सीमांचल की हिंद चेतना’ और जबलपुर के दीनदयाल तिवारी ‘बेताल’ के लघुकथा संग्रह ‘बेताल सरषठी’ का विमोचन प्रमुख रहा। साथ ही, गाजियाबाद के डॉ. राजीव कुमार पाण्डेय को उनके उल्लेखनीय साहित्यिक योगदान के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
​इस अवसर पर रायपुर के वरिष्ठ पत्रकार मधुकर द्विवेदी, प्रतापगढ़ के वरिष्ठ पत्रकार व समाजसेवी शिवशंकर तिवारी ‘सोहगौरा’, अम्बाह (मुरैना) के राजवीर शर्मा, साझा काव्य संग्रह ‘गंगांजलि’ के संपादक अजय शुक्ल (नोएडा) तथा प्रयागराज के अधिवक्ता बृज बिहारी त्रिपाठी व विजय शुक्ल सहित कई गणमान्य हस्तियां उपस्थित रहीं।
​कवि सम्मेलन: कविताओं में उमड़ा राष्ट्रप्रेम
कार्यक्रम का दूसरा सत्र पूर्णतः कविताओं के नाम रहा, जिसका शानदार संचालन मनासा (मध्य प्रदेश) के भैरु सुनार ने किया। इस अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में कवियों ने राष्ट्रप्रेम और राष्ट्रभाषा हिंदी को समर्पित एक से बढ़कर एक रचनाएं प्रस्तुत कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कविताओं के माध्यम से राष्ट्रीय क्षितिज को स्पर्श करती भावनाओं ने खूब तालियां बटोरीं।
​काव्य पाठ में डॉ. राजीव पाण्डेय, मांगीलाल मरमिट, दीनदयाल तिवारी ‘बेताल’, पं. निरंजन द्विवेदी ‘वत्स’, मेघा अग्रवाल, सोनिया नायडू, शीतलता शालू, प्रभा बच्चन श्रीवास्तव, मौर्य ए.पी. साहब, सरस्वती मल्लिक, डॉ. सुषमा खरे, नितिन शर्मा ‘नीति’, रविना नरवरिया, वीरेन्द्र फौजी ‘अलबेला’, सुशील राठौड़, दीप्ति खरे, मृत्युंजय उपाध्याय ‘नवल’, विनय कुमार झा, राजकुमारी रैकवार ‘राज’, तरुणा खरे ‘तनु’, डॉ. रामनिवास तिवारी ‘इंडिया’, शत्रुघ्न सिंह तोमर ‘चंबल कवि’ और आनंद सिंह आदि रचनाकारों ने अपनी प्रभावशाली प्रस्तुतियां दीं।
​कार्यक्रम के अंत में मेरठ की सीमा शर्मा ने सभी अतिथियों, साहित्यकारों और सुधी श्रोताओं के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।

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