शंख बजाने के महत्व
विष्णु दत्त शंख बजाने के महत्वपूर्ण सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और तेजी से मान्यता प्राप्त स्वास्थ्य लाभ हैं। यहाँ एक ब्यौरा है: 1. स्वास्थ्य लाभ (शारीरिक और मानसिक): * श्वसन स्वास्थ्य: * फेफड़ों को मजबूत करता है: शंख बजाने के लिए गहरी और नियंत्रित साँस छोड़ने की आवश्यकता होती है, जो डायाफ्राम, फेफड़ों और श्वसन मांसपेशियों के लिए एक उत्कृष्ट व्यायाम के रूप में कार्य करता है। यह फेफड़ों की क्षमता और श्वसन दक्षता में सुधार कर सकता है। * श्वास नियंत्रण में सहायता: यह व्यक्तियों को अपनी सांस पर बेहतर नियंत्रण विकसित करने में मदद करता है, जो वायुमार्ग को साफ रखकर अस्थमा और सीओपीडी जैसी स्थितियों के लिए फायदेमंद हो सकता है। * वायुमार्ग की कार्यक्षमता में सुधार: यह श्वसन की मांसपेशियों को मजबूत कर सकता है और ऑक्सीजन का सेवन बढ़ा सकता है। * मौखिक और चेहरे का स्वास्थ्य: नियमित रूप से फूंकने से जीभ की चर्बी कम करने और कुछ मौखिक समस्याओं का समाधान करने में मदद मिल सकती है * रक्त संचार: चेहरे से लेकर पैर तक की मांसपेशियों का ज़ोर से साँस छोड़ना और सक्रिय होना पूरे शरीर में रक्त संचार को बेहतर बनाता है और कोशिकाओं को ऑक्सीजन की आपूर्ति करता है।
* मानसिक स्वास्थ्य: * तनाव में कमी और आराम: शंख बजाने से पैरासिम्पेथेटिक तंत्रिका तंत्र उत्तेजित होता है, जिससे आराम मिलता है, तनाव और चिंता कम होती है और मानसिक स्पष्टता में सुधार होता है। ऐसा माना जाता है कि इससे उत्पन्न ध्वनि तरंगें मन को शांत करती हैं। * बेहतर फोकस और एकाग्रता: यह मन को विचारों से मुक्त करने में मदद करता है, जिससे ग्रहणशीलता बढ़ती है और आशावाद, आशा, दृढ़ संकल्प और इच्छाशक्ति जैसे सकारात्मक मनोवैज्ञानिक स्पंदन बढ़ते हैं। * दोषों को संतुलित करता है: आयुर्वेदिक सिद्धांतों के अनुसार, ऐसा माना जाता है कि यह वात और कफ दोषों को संतुलित कोरोना के दौरान बेहतर फेफड़ों की क्षमता के लिए डॉक्टर शंख बजाने या गुब्बारे फुलाने की सलाह दे रहे हैं


