सभी अपने बच्चों को दें अच्छी शिक्षा और संस्कार : महेन्द्र सिंह मुंदड़ी

कहा : बच्चे बनेंगे देश का गौरव, जब शिक्षा और संस्कार साथ चलेंगे

 

अश्विनी वालिया
कैथल, भारत पोस्ट प्रसिद्ध समाजसेवी एवं सरपंच प्रतिनिधि महेन्द्र सिंह मुंदड़ी ने कहा कि बच्चे समाज का भविष्य होते हैं और उनका समुचित विकास परिवार, समाज तथा राष्ट्र की प्रगति के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि बच्चों की शिक्षा केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उन्हें अच्छे संस्कार भी दिए जाने चाहिए, जिससे वे एक जिम्मेदार नागरिक बन सकें।

महेन्द्र सिंह मुंदड़ी ने कहा कि शिक्षा और संस्कारों का समन्वय ही बच्चों के सर्वांगीण विकास की आधारशिला है। यदि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ नैतिक मूल्य भी सिखाए जाएं, तो वे न केवल अच्छे इंसान बनेंगे, बल्कि समाज में अपनी सकारात्मक भूमिका भी निभा सकेंगे।

उन्होंने कहा कि माता-पिता और शिक्षकों की यह दोहरी जिम्मेदारी है कि वे बच्चों को ज्ञान के साथ जीवन मूल्यों का भी पाठ पढ़ाएं, जिससे वे आत्मविश्वासी, आत्मनिर्भर और समाजोपयोगी नागरिक बन सकें। शिक्षा से बच्चों में आत्म-जागरूकता, निर्णय लेने की क्षमता और आगे बढ़ने की प्रेरणा विकसित होती है।

वर्तमान प्रतिस्पर्धी युग में शिक्षा जरूरी है, क्योंकि यह न केवल करियर के नए अवसर प्रदान करती है, बल्कि बच्चों को अपने सपनों को साकार करने की दिशा भी दिखाती है।

महेन्द्र सिंह मुंदड़ी ने कहा कि संस्कारों में सत्य, ईमानदारी, परिश्रम, आदर, सम्मान और करुणा जैसे मूल्य शामिल होते हैं। जब बच्चे इन गुणों को अपने व्यवहार में शामिल करते हैं, तो वे स्वयं सफल होते हैं और समाज के लिए भी प्रेरणास्त्रोत बनते हैं।

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