स्थाई लोक अदालत में होगा शीघ्र समस्याओं का निराकरण: सचिव
सिविल कोर्ट में लंबित मामलों का परमानेंट लोक अदालत में भी होगा समाधान
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न्दकिशोर दास
बेगूसराय ब्यूरो। शुक्रवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव न्यायाधीश करुणानिधि प्रसाद आर्या ने बताया कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार एवं माननीय सर्वोच्च न्यायलय के निर्देशानुसार पुनः एक बार फिर से स्थाई लोक अदालत का गठन किया गया है। इस बार जो स्थाई लोक अदालत की स्थापना की गई है, उसका उद्देश्य है, आमलोगों के उपयोग से जुड़ी हुई समस्याओं का निराकरण होगा। विगत महीने में सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश अमानुल्लाह ने पटना में परमानेंट लोक अदालत की शुरुआत की घोषणा की थी। प्राधिकार के सचिव ने ने बताया कि बेगूसराय में भी परमानेंट लोक अदालत की स्थापना हो चुकी है। यह कार्य कर रही है। इसमें जनता से जुड़े हुए कुल छह मामलों को यहां पर लाया जाएगा। जिसका समाधान सिविल कोर्ट से नहीं हो पाता था। वैसे मामलों का समाधान परमानेंट लोक अदालत से तुरंत होगा। सचिव ने सभी 6 मामले के निराकरण की व्यवस्था स्थाई लोक अदालत में की है। उनमें ट्रांसपोर्ट से संबंधित मामले, यातायात से संबंधित मामले जैसे कोई व्यक्ति ट्रेन या बस या हवाई जहाज के माध्यम से यात्रा किया हो और यात्रा के क्रम में चाहे उसका बस मालिक या ट्रेन के किसी रेलवे कर्मी के साथ या हवाई जहाज कंपनियों के साथ कोई असुविधा हुई हो या किसी भी प्रकार का विवाद हुआ हो उन विवादों को भी स्थाई लोक अदालत में सुना जाएगा, पोस्टल डिपार्टमेंट से संबंधित मामले डाक विभाग से संबंधित मामले, टेलीकॉम कंपनियों से संबंधित मामले, मोबाइल नेटवर्क कंपनियों से संबंधित मामले, किसी भी मोबाइल कंपनी से संबंधित यदि किसी भी व्यक्ति को कोई विवाद हुआ हो या समस्या हो उसके भी समाधान के लिए परमानेंट लोक अदालत में ला जा सकते हैं।




