बाराबंकी में यूरिया की बढ़ी खपत पर शासन सतर्क, जांच टीम ने की खेत और दुकानों की जांच

 

बलवान सिंह ब्यूरो चीफ

बाराबंकी। जनपद में गत वर्ष की तुलना में 1 अप्रैल से 26 जुलाई 2025 तक लगभग 22,000 मीट्रिक टन अधिक यूरिया की बिक्री दर्ज की गई है। इस बढ़ोतरी की जांच के लिए शासन द्वारा गठित टीम ने आज बाराबंकी पहुंचकर यूरिया विक्रेताओं और सहकारी समितियों का निरीक्षण किया।

जांच टीम में अपर आयुक्त और अपर निबंधक, सहकारिता श्रीकांत गोस्वामी तथा अपर निदेशक कृषि/महाप्रबंधक (यूपी एग्रो) शामिल रहे। टीम के साथ जिला कृषि अधिकारी राजित राम और सहायक निबंधक, सहकारिता लोकेश त्रिपाठी भी मौजूद थे।

टीम ने सबसे पहले मौर्या ट्रेडिंग कंपनी, तिन्दोला का निरीक्षण किया, जहां पिछले वर्ष की तुलना में 156% अधिक यूरिया बिक्री की पुष्टि हुई। विक्रेता रमेश चंद्र मौर्या मौके पर उपस्थित मिले। पीओएस मशीन और अभिलेखों के मिलान में कोई अनियमितता नहीं पाई गई। स्टॉक भी शून्य मिला।

जांच के दौरान अधिक यूरिया खरीदने वाले 10 किसानों से फोन पर बातचीत की गई। किसानों ने स्वीकार किया कि उन्होंने स्वयं की भूमि और कुछ ने बटाई की भूमि में धान की फसल के लिए यूरिया खरीदा है। मोटे धान की रोपाई के चलते अब तक दो बार यूरिया डाला जा चुका है और एक बार और डाला जाना है।

टीम ने बी-पैक्स/साधन सहकारी समिति उसमानपुर (ब्लॉक-सिद्धौर) और बिझला समिति (ब्लॉक-सूरतगंज) का भी निरीक्षण किया। पीओएस मशीन से स्टॉक का मिलान किया गया जो सही पाया गया। बिक्री रजिस्टर की जांच में सचिव को निर्देशित किया गया कि किसानों की भूमि की जानकारी स्पष्ट रूप से अंकित करें। किसानों के खेतों का भी भौतिक निरीक्षण किया गया।

 

जांच टीम ने इससे पूर्व 30 जुलाई 2025 को भी जनपद में अधिक यूरिया बिक्री की जांच की थी। निरीक्षण के दौरान टीम ने सख्त निर्देश दिए कि किसानों को उनकी जोत और फसल की आवश्यकता अनुसार ही आधार कार्ड पर उर्वरक दिया जाए और उसका विवरण रजिस्टर में दर्ज हो।

दूसरी ओर, जिला कृषि अधिकारी ने जानकारी दी कि आज कृभको की 2650 मीट्रिक टन यूरिया की एक रैक जनपद में प्राप्त हुई, जिसमें से 50% (1325 मीट्रिक टन) सहकारी समितियों और शेष निजी विक्रेताओं को आपूर्ति की गई।

वहीं, जिला प्रबंधक पीसीएफ ने बताया कि तेजवापुर, बरौली, मऊ, लक्षबर, बनीकोडर, रामनगर, सूरतगंज, भयारा, अशोकपुर, फतहाबाद, हैदरगढ़ सरैयामोतिबरनगर, हरख, बिझला, किन्तूर, हुसैनाबाद, मंजीठा, सहित 58 समितियों और बिक्री केंद्रों पर आज यूरिया की आपूर्ति की गई।

कृषकों से अपील की गई है कि वे अपनी भूमि और फसल की आवश्यकता अनुसार ही उर्वरक का प्रयोग करें। अत्यधिक यूरिया डालने से फसलों में हानिकारक प्रभाव पड़ता है, जिससे उपज में कमी आती है। यूरिया की दक्षता बढ़ाने के लिए 2% घोल (2 किलो यूरिया 100 लीटर पानी में) का छिड़काव करने की सलाह दी गई है। साथ ही, गोबर की खाद का उपयोग भी लाभकारी बताया गया है।

यदि कोई विक्रेता उर्वरक के साथ अन्य सामान की बिक्री जबरन करे, अधिक कीमत मांगे या रसीद न दे, तो किसान 9116295764 पर और सहकारी समितियों से संबंधित शिकायतों के लिए 9653006799 नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।

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