रंगदारी टैक्स वसूली के दौरान जघन्य अपराध की वारदातें घटित होती हैं!
अपराध और समाज:
राजीव कुमार
रंगदारी टैक्स से सारे देश के बाजार और यहां के कारोबारी प्रभावित हैं। दिल्ली में जामिया मिल्लिया इस्लामिया में अपनी पढ़ाई – लिखाई के दौरान कुछ व्यव सायी परिवार के लड़कों से मेरी जान पहचान थी। वे लोग
मुझे उत्तरप्रदेश के बुलंदशहर, मेरठ और अन्य जिलों के बदमाशों के द्वारा दिल्ली के बाजारों में आकर रंगदारी वसूली करने वाले बदमाशों के बारे में मुझे बताया करते थे। दिल्ली में भी जाट गूजर समुदाय के लोगों में वहां के
बाजारों में जाकर रंगदारी वसूलने का प्रचलन है।यह अनुचित है। रंगदारी टैक्स वसूली के दौरान जघन्य अपराध की घटनाएं घटित होती हैं। बिहार के लखीसराय जिले के बड़हिया बाजार में रंगदारों के द्वारा शत्रुघ्न साव की हत्या को एक ऐसे ही वारदात के रूप में देखा जा सकता है
दहेज और रिश्वत की तरह से रंगदारी का लेन देन बिहार में अपराध घोषित किया जाए और अपराधियों को रंगदारी देने वाले दुकानों को बड़हिया बाजार में बंद करवा दिया जाए। पुलिस के द्वारा ऐसे दुकानदारों को जेल भेजा जाए जो रंगदारों की मदद से अपना धंधा बिजनेस करते हैं और हत्या के बाद जिनके परिजन सड़क यातायात को बाधित करके बीमारों और अन्य जरूरतमंद लोगों की गाड़ियों की आवाजाही बाधित करते हैं।
समाज और अपराध
शत्रुघ्न साव की हत्या का मामला बकाया रंगदारी टैक्स से
जुड़ा था।
जिला प्रशासन लखीसराय को नगरपरिषद , बड़हिया के मार्फत यहां तमाम पंजीकृत दुकानदारों को इस आशय का नोटिस भिजवाया जाए कि अगर उन्होंने किसी को रंगदारी टैक्स का भुगतान किया है तो वे थाना में आकर इसकी जानकारी उपलब्ध करवाएं ताकि रंगदारों के बारे में पुलिस को पता चल सके और उनसे उनका पैसा वापस दिलवाने के लिए भी प्रयास किया जा सके क्योंकि रंगदारी टैक्स की पूरी बकाया राशि का भुगतान नहीं करने पर रंगदार काफी नाराजगी का भाव प्रकट करते हैं। वे दुकानदारों को मार भी डालते हैं। शत्रुघ्न साव की हत्या का ताजातरीन मामला ऐसा ही प्रतीत होता है।
लखीसराय के पुलिस अधीक्षक के अनुसार शत्रुघ्न साव काफी सीधे सादे आदमी थे। उन्होंने कभी पुलिस को इस बारे में कुछ नहीं बताया।
लखीसराय के बड़हिया में पुलिस गिरफ्तारी के दौरान सुरक्षा बलों पर फायरिंग से परहेज़ करके शत्रुघ्न साव के हत्यारों ने इनकाउंटर और मौत से खुद को बचा लिया है लेकिन व्यापारियों की मांग के अनुरूप कोर्ट इन लोगों को फांसी की सजा देती है या नहीं यह अब प्रतीक्षा का विषय है। लखीसराय के एसडीपीओ ने हत्यारों के विरुद्ध तमाम साक्ष्यों को इकट्ठा कर लेने का दावा किया है। लखीसराय के एसएसपी ने इस वारदात के मूल में शत्रुघ्न साव के द्वारा रंगदारी टैक्स वसूली की बात को पुलिस से छिपाने का आरोप लगाया है और बताया है कि पुलिस को अपराधियों के बारे में उपरोक्त बातों की जानकारी देने पर उनकी जान बिल्कुल नहीं जाती।




