एनडीएमसी के 889 संविदा कर्मी सरकारी उपेक्षा के शिकार
डॉ.समरेन्द्र पाठक
वरिष्ठ पत्रकार
नयी दिल्ली,3 सितंबर 2025 नयी दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) में कार्यरत लगभग 889 संविदा कर्मी सेवा नियमित किये जाने की प्रत्याशा में वर्षो से सरकारी उपेक्षा का दंश झेल रहे हैं।
संविदा कर्मियो के अनुसार उन्हें वर्षो से काम करने के बाबजूद नियमित नहीं किया जा सका है।इस वजह से समान काम के बदले समान वेतन,भत्ते आदि नहीं मिल पाते हैं।ऊपर से हर समय सेवा समाप्त किये जाने की धार लटकती रहती है।
एनडीएमसी प्रशासन का सौतेला व्यवहार तो तब झलकता है,जब इन्हें नियमित कर्मचारियों के साथ वेतन नहीं दिया जाता है।आम तौर पर सभी कर्मचारियों एवं अधिकारियों को महीने के आखिरी या शुरुआती दिन वेतन का भुगतान कर दिया जाता है,किन्तु इन्हें 5-6 दिन बाद पगार मिल पाता है।
पीड़ित संविदा कर्मियों ने बताया कि कई ऐसे लोग हैं,जो 20-25 वर्षो से संविदा पर सेवा दे रहे है,किन्तु उन्हें कोई लाभ नही दिया जाता है,जबकि सुप्रीम कोर्ट का स्पष्ट निर्देश है,कि समान काम का समान पगार दिया जाय।यह व्यवस्था एमसीडी में भी लागू है।
इन संविदा कर्मियों के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ कर्मचारी यूनियन के नेता अशोक कुमार शीर्ष अधिकारियों को पत्र भी लिख चुके हैं,किन्तु इन्हें अभी तक न्याय नही मिल सका है।
उल्लेखनीय है कि एनडीएमसी के हजारों आर.एम.आर कर्मियों के साथ भी इसी तरह का भेदभाव चलता रहा था,लेकिन उनके आंदोलनात्मक रुख अख्तियार करने के बाद सभी को नियमित करना पड़ा था।




