उत्तर बंगाल दौरे पर बंगाली बनाम बाहरी का नारा देकर कोलकाता रवाना हुईं मुख्यमंत्री
अपने ही दिए बयान में उलझी ममता बनर्जी, भाजपा समेत पूरा विपक्ष पूछ रहा युनूस पठान कौन बंगाली?
अजित प्रसाद/ सिलीगुड़ी: मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अपना तीन दिवसीय उत्तर बंगाल दौरा पूरा करने के बाद गुरुवार दोपहर कोलकाता के लिए रवाना हुईं। उत्तरकन्या से रवाना होने के बाद मुख्यमंत्री बागडोगरा हवाई अड्डे के लिए रवाना हुईं। वहाँ से वह निर्धारित उड़ान से कोलकाता लौट जाएंगी। इस यात्रा के दौरान, मुख्यमंत्री ने उत्तर बंगाल में कई प्रशासनिक बैठकें की और बुनियादी ढाँचे से जुड़े विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की। सरकारी कर्तव्यों के निर्वहन के साथ-साथ उन्होंने विभिन्न स्थानीय विकास कार्यक्रमों पर भी ध्यान दिया।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री अगले सप्ताह कोलकाता लौटने के बाद नवान्न से राज्य में विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करेंगी। इस सब के बीच मुख्यमंत्री का बंगाली बनाम बाहरी वाला दांव उल्टा पड़ने लगा है। बल्कि, तगड़ा बैकफायर कर रहा है। बीजेपी ने ममता बनर्जी की मिसाइल का मुंह अब तृणमूल कांग्रेस की तरफ मोड़ दिया है , और मोहरा बन रहे हैं बहरामपुर से टीएमसी सांसद यूसुफ पठान। युनूस पठान पश्चिम बंगाल में बीजेपी के निशाने पर तो हैं ही, गुजरात के बडोदरा में उनके मकान पर बुलडोजर एक्शन का भी खतरा मंडराने लगा है. वडोदरा नगर निगम ने यूसुफ पठान को निगम के प्लॉट से अतिक्रमण हटाने का नोटिस भेजा था, जिसके खिलाफ वो गुजरात हाई कोर्ट गए थे. हाई कोर्ट से यूसुफ पठान की अर्जी तो खारिज हुई ही, अदालत ने नगर निगम को जमीन वापस लेने की भी हिदायत दे डाली है – खास बात ये है कि निगम ने नोटिस उनको सांसद बनने के बाद भेजा था।अब तक तो ममता बनर्जी ही बीजेपी नेताओं को बाहरी बताकर हमला बोला करती थीं, लेकिन अब बीजेपी टीएमसी नेता की कमजोर कड़ियों को खोज खोज कर हमला करने लगी है. पश्चिम बंगाल में भाषा आंदोलन चला रहीं ममता बनर्जी के खिलाफ केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने मोर्चा खोल दिया है, और पिछले कुछ दिनों से वो टीएमसी नेता के खिलाफ ही बंगाली बनाम बाहरी मुद्दे को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं।
बीजेपी नेता सुकांत मजूमदार का कहना है कि ममता बनर्जी की नीतियां पश्चिम बंगाल के स्थानीय लोगों के हितों के खिलाफ हैं, और तृणमूल कांग्रेस बाहरी लोगों को बढ़ावा दे रही है – जिस तरह से यूसुफ पठान का नाम लेकर बीजेपी ममता बनर्जी के खिलाफ बंगाली बनाम बाहरी का मुद्दा उठा रहे है, भाषा आंदोलन के लिए ये मजबूत काउंटर अटैक साबित हो सकता है
बंगाली बनाम बाहरी के मुद्दे पर घिरतीं ममता बनर्जी
2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भी ममता बनर्जी ने बंगाली बनाम बाहरी की बहस शुरू कर मुद्दा बना दिया था. जैसे वो बीजेपी के जय श्रीराम के स्लोगन को लेकर आक्रामक हो जाती थीं, बिल्कुल वैसे ही वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री अमित शाह को बाहरी बोलकर निशाना बनाती थीं. तब बंगाल में होने वाली हर घटना के लिए वो बाहरी लोगों के बहाने बीजेपी को टार्गेट किया करती थीं।पश्चिम बंगाल बीजेपी के अध्यक्ष रह चुके सुकांत मजूमदार ने उसी हथियार का मुंह ममता बनर्जी की तरफ मोड़ दिया है. ममता बनर्जी के हाल के हमलावर तेवर और आंदोलन के जवाब में सुकांत मजूमदार ने कहा कि बंगाल को चलाने के लिए बंगाली तैयार है. कहते हैं, आपके जाने का समय आ गया है… आपने बंगालियों का जितना नुकसान किया है, उतना बंगाल का किसी ने भी नुकसान नहीं किया है।


