भारतीय सेना के सामने पाकिस्तानी सेना ने आत्मसमर्पण कर दिया था?

विमर्श:भारत - पाकिस्तान

 

राजीव कुमार झा

पाकिस्तान के लिए 1971 का युद्ध विनाशकारी साबित हुआ। उसकी धरती का काफी बड़ा हिस्सा हाथ से निकल गया और अंततः पाकिस्तानी फौज के साथ पांव फूल गये। जनरल नियाजी जो पाकिस्तान का सेनाध्यक्ष था उसे भी भारतीय सेना ने पकड़ लिया था और उसे भारत लाया गया था लेकिन युद्ध के लिए सेना की जगह पाकिस्तान को जिम्मेदार माना जा रहा था इसलिए पाकिस्तान के तत्कालीन प्रधानमंत्री भुट्टो को भारत आना पड़ा और शिमला में समझौता हुआ था। आज गांधी जयंती है। सारे देश के लोगों को आज सत्य और अहिंसा का व्रत धारण करना चाहिए और जीवन को सद्मार्ग पर अग्रसर करने का संकल्प करना चाहिए। गांधी जी अत्यंत सरल स्वभाव के महापुरुष थे और उनके हृदय में अपने शत्रुओं के प्रति भी प्रेम का भाव रहा। पाकिस्तान निर्माण के विचारों से वह असहमत बने रहे लेकिन जिन्ना की जिद के आगे उनको हार माननी पड़ी थी और इसके बावजूद उनका मानना था कि भारत और पाकिस्तान को एक दूसरे के साथ प्रेम पूर्वक साथ रहना चाहिए लेकिन उनका यह सपना अधूरा रहा और कश्मीर हड़पने के चक्कर में पाकिस्तान भारत के साथ शत्रुता पूर्ण आचरण करता रहा। गांधी जयंती के अवसर पर आज दोनों देशों को मित्रता को अपना धर्म मानने का संकल्प लेना होगा और शिमला समझौता के अनुसार अपने रिश्ते को आगे बढ़ाना होगा। भारत के प्रति आतंकवाद की रणनीति पाकिस्तान को एक दिन बर्बाद करके रख देगी और ऐसे कार्यों को अंजाम देने के बाद किसी भी दिन भारतीय सेना पाकिस्तान पर हमला करके उसकी मिट्टी पलीद कर देगी । आपरेशन सिंदूर के दौरान सारी दुनिया ने यह सब देखा और अमरीकी प्रेसिडेंट ट्रंप की आंखों की नींद इसके बाद गायब हो गई। आज गांधी जयंती के अवसर पर सारी दुनिया को गांधी जी के शांति और अहिंसा के सिद्धांतों में आस्था प्रकट करने का संकल्प करना चाहिए। भारत ने सदैव पाकिस्तान को पड़ोसी देश के रूप में देखा और उसकी मदद करता रहा है लेकिन पाकिस्तान भारत को अपना शत्रु देश मानता है और अमरीका और चीन की मदद से यह देश युद्ध और हथियारों के जरिए कश्मीर को हथियाने की चाल चलता रहा है। भारत और पाकिस्तान के बीच काफी युद्ध हुए हैं और इनमें 1971 का युद्ध निर्णायक था। पाकिस्तान की फौज तहस नहस हो गयी थी और रेडक्रास के आह्वान पर पाकिस्तानी सेना ने भारतीय सेना के सामने आत्मसमर्पण कर दिया था।

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