वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण(SIR) को लेकर भाजपा टीएमसी में वाक्युद्ध शुरू

एक दूसरे के लिए व्यक्तिगत टिप्पणियां और गाली-गलौच तक होने लगी

 

अजित प्रसाद / सिलीगुड़ी: पश्चिम बंगाल में वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर तृणमूल कांग्रेस सांसद कल्याण बनर्जी और केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार के बीच तीखा टकराव देखने को मिला है।यह जुबानी जंग इतना आगे निकल गई कि दोनों तरफ से एक दूसरे के लिए व्यक्तिगत टिप्पणियां और गाली-गलौच तक होने लगी, जो कि बीजेपी और टीएमसी के बीच सियासी टकराव का संकेत दे रहा है। टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी और केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार के बीच यह वाकयुद्ध उस वक्त शुरू हुआ, जब पूर्व प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष और केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री मजूमदार ने चेतावनी दी कि अगर SIR कवायद को लेकर कोई अशांति फैली तो केंद्रीय बलों को तैनात किया जा सकता है और यहां तक कि गोलीबारी भी हो सकती है। उनके बयान पर टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने की प्रतिक्रिया आई। उन्होंने मजूमदार पर मतदाताओं को धमकाने का आरोप लगाया तथा उन्हें अपने (बनर्जी के) निर्वाचन क्षेत्र का दौरा करने की चुनौती दी।
कल्याण बनर्जी बोले- सबकुछ ठप कर देंगे
टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम में कहा कि निर्वाचन आयोग को एक भी मतदाता को हटाने दो और फिर देखो क्या होता है। हम सब कुछ ठप कर देंगे। उन्होंने कहा कि जो लड़का मंत्री बन गया है, उसे बता दो कि सीआईएसएफ की गोलियां उसे लगेंगी। हिम्मत है तो श्रीरामपुर आओ। देखते हैं तुम घर कैसे जाते हो। कल्याण बनर्जी ने केंद्रीय मंत्री को ‘तुई टोकरी’ यानी बेकार आदमी तक कहा।
सुकांत मजूमदार ने पलटवार करते हुए कहा कि बनर्जी की टिप्पणी मानसिक स्थिरता खोने और राजनीतिक शालीनता के क्षरण को दर्शाती है। मजूमदार ने बालुरघाट में संवाददाताओं से कहा कि एक मौजूदा सांसद एक केंद्रीय मंत्री को गोली मारने की धमकी दे रहे हैं जो उनकी मानसिक स्थिति को दर्शाता है। बीजेपी नेता ने कहा कि ऐसे लोग सक्रिय राजनीति के लिए उम्र सीमा को पार कर गए हैं और उन्हें वृद्धाश्रम भेज देना चाहिए।
बीजेपी ने लगाए गंभीर आरोप
बीजेपी नेता ने कहा कि बनर्जी बच्चों की तरह बातें कर रहे हैं और उन्हें पता ही नहीं कि वह क्या कह रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैं उसकी चुनौती स्वीकार करता हूं। मैं कल श्रीरामपुर जा रहा हूं। देखते हैं कि वह कितना बड़ा ‘बापर बेटा’ (अपने बाप की औलाद) हैं। इस वाकयुद्ध ने बीजेपी और तृणमूल कांग्रेस के बीच तनाव को फिर से बढ़ा दिया है। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर राजनीतिक लाभ के लिए आगामी एसआईआर प्रक्रिया में हेरफेर करने का आरोप लगा रहे हैं।
तृणमूल सांसद ने जहां मजूमदार की टिप्पणियों को भड़काऊ बताया और मतदाताओं को आतंकित करने के मकसद वाला बताया। वहीं बीजेपी ने अपने नेता का बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने केवल यह दोहराया था कि एसआईआर की कवायद के दौरान कानून-व्यवस्था बरकरार रखी जाएगी। मजूमदार के शनिवार को श्रीरामपुर जाने के साथ राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह टकराव बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व और तृणमूल के स्थानीय नेताओं के बीच एक प्रतीकात्मक जोर आजमाइश का रूप ले चुका है।

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