अभिषेक बनर्जी को आंखों के इलाज के लिए कोर्ट से नहीं मिली इजाजत
- कलकत्ता हाईकोर्ट कहा सरकारी अस्पतालों में सुविधा तो विदेश क्यों जाना
अजित प्रसाद/कोलकाता : कलकत्ता हाईकोर्ट ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और डायमंड हार्बर लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी की विदेश में आंखों के इलाज के लिए यात्रा की याचिका सोमवार को खारिज कर दी। अदालत ने साफ निर्देश दिया कि बनर्जी को पहले कोलकाता के प्रसिद्ध सरकारी अस्पताल एसएसकेएम मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल में विशेषज्ञ डॉक्टरों से अपनी आंखों की जांच करानी होगी। कोर्ट ने विदेश यात्रा की अनुमति तभी देने का संकेत दिया जब सरकारी मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट आ जाएगी।
जस्टिस सौगत भट्टाचार्य की एकलपीठ ने यह आदेश उस मामले की सुनवाई के दौरान दिया जिसमें अभिषेक बनर्जी पर पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के प्रचार के दौरान कथित नफरत भरे और भड़काऊ भाषण देने का आरोप है। कोर्ट में पेश अभिषेक बनर्जी के वकील ने तर्क दिया कि सांसद को आंखों के विशेष इलाज के लिए विदेश जाना आवश्यक है, लेकिन जस्टिस भट्टाचार्य ने तुरंत मंजूरी देने से इनकार कर दिया।
कोर्ट का सख्त रुख: जस्टिस भट्टाचार्य ने कहा कि विदेश यात्रा की अनुमति देने से पहले सरकारी अस्पताल के विशेषज्ञों से जांच कराना जरूरी है। अदालत ने एसएसकेएम अस्पताल के नेत्र रोग विभाग के प्रमुख को तुरंत एक मेडिकल बोर्ड गठित करने का आदेश दिया। इस बोर्ड में विशेषज्ञ डॉक्टर शामिल होंगे जो बनर्जी की आंखों की पूरी जांच करेंगे और अपनी रिपोर्ट कोर्ट को सौंपेंगे। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट मिलने के बाद ही विदेश जाने की याचिका पर अंतिम फैसला लिया जाएगा। सुनवाई के दौरान जस्टिस भट्टाचार्य ने बनर्जी के वकील से सवाल किया कि क्या आपके मुवक्किल ने कोर्ट में याचिका दायर करने से पहले किसी भारतीय ऑप्थल्मोलॉजी विशेषज्ञ से सलाह ली थी?” वकील ने जवाब दिया कि अभिषेक बनर्जी पिछले 10 वर्षों से लगातार अमेरिका में अपनी आंखों का इलाज करा रहे हैं। हालांकि कोर्ट ने इस तथ्य को स्वीकार करते हुए भी कहा कि विदेश यात्रा की अनुमति से पहले सरकारी चिकित्सा व्यवस्था की जांच जरूरी है।
सरकार का विरोध: पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता राजदीप मजूमदार ने याचिका का पुरजोर विरोध किया। उन्होंने कोर्ट को बताया कि इस समय अभिषेक बनर्जी को विदेश जाने की अनुमति देने से कई लंबित कानूनी मामलों की जांच प्रभावित हो सकती है। मजूमदार ने कहा कि TMC सांसद से जुड़े कई महत्वपूर्ण मामले, जिनमें कथित हेट स्पीच का केस भी शामिल है, अभी पेंडिंग हैं। विदेश यात्रा से जांच एजेंसी को दस्तावेज और सहयोग प्राप्त करने में दिक्कतें आ सकती हैं। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि मेडिकल जांच पूरी होने तक विदेश यात्रा पर रोक रहेगी।वहीं, कोर्ट ने अभिषेक बनर्जी को राहत देते हुए हेट स्पीच मामले में गिरफ्तारी सहित किसी भी प्रकार की जबरन पुलिस कार्रवाई से अंतरिम सुरक्षा अक्टूबर माह तक बढ़ा दी है। हालांकि कोर्ट ने साफ चेतावनी दी कि बनर्जी को जांच में पूर्ण सहयोग करना होगा। अब इस मामले की अगली सुनवाई अगस्त 2026 में होगी, जब एसएसकेएम अस्पताल का मेडिकल बोर्ड अपनी रिपोर्ट पेश करेगा।



