तृणमूल छात्र परिषद के स्थापना दिवस पर अभिषेक बनर्जी का केंद्र पर हमला — 2026 में बड़ी लड़ाई का एलान

अजित प्रसाद -कोलकाता (पश्चिम बंगाल): तृণमूल छात्र परिषद (TMCP) के स्थापना दिवस के अवसर पर मायो रोड में आयोजित विशाल छात्र सभा में तृणमूल के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी केंद्र सरकार और भाजपा के खिलाफ जमकर हमला बोले। उन्होंने कहा कि आज की सभा 2026 विधानसभा चुनावों की लड़ाई का शंखनाद है।

आर. जी. कर कॉलेज कांड और “अपराजिता बिल” का ज़िक्र

अभिषेक बनर्जी ने अपने भाषण की शुरुआत करते हुए पिछले साल आर. जी. कर मेडिकल कॉलेज की घटना एवं उस पर राज्य सरकार की त्वरित कार्रवाई का हवाला दिया। उन्होंने कहा:

> “मैंने इस मंच से कहा था, जो छात्राएं रात में सड़कों पर उतरी थीं, मैं उनके साथ हूं। ममता बनर्जी की सरकार ने 24 घंटे के भीतर एक गिरफ्तारी की, लेकिन आज भी उस मामले में जांच आगे नहीं बढ़ी।”

उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि “अपराजिता बिल”, जिसे राज्य विधानसभा ने पास किया था, अभी तक केंद्र से मंजूरी नहीं मिली।

> “जो लोग उस दिन स्वास्थ्य व्यवस्था को बदनाम करने के लिए सड़क पर उतरे थे, क्या उन्होंने एक बार भी पूछा कि केंद्र सरकार इस महिला सुरक्षा कानून को मान्यता क्यों नहीं दे रही?”

SIR का विरोध और लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला

अभिषेक बनर्जी ने केंद्र पर आरोप लगाया कि वो SIR के नाम पर देशभर में वोटर लिस्ट से नाम हटाकर लोकतांत्रिक अधिकार छीनने की साजिश कर रही है।

> “अगर बंगाल के एक भी वोटर का नाम काटा गया, तो हम 10 लाख लोगों के साथ दिल्ली जाएंगे।”

उन्होंने आगे कहा:

> “संविधान संशोधन बिल रात के अंधेरे में लाया गया है, लेकिन इसे पारित नहीं होने देंगे। 2026 में जो बंगाल के खिलाफ खड़ा होगा, उसे एक इंच जमीन नहीं दी जाएगी।”

केंद्र की नीतियों पर हमला

“जो कहते हैं कि बंगाली कोई भाषा नहीं है, उन्हें जवाब मिलेगा।”

“जल जीवन मिशन और आवास योजना की फंड रोक कर गरीबों का पैसा रोका गया — जनता इसका जवाब देगी।”

2026 चुनाव को लेकर हुंकार

> “आज युद्ध का बिगुल बज गया। अगली बार, 28 अगस्त 2026 को इससे भी बड़ी सभा होगी।”

 

उन्होंने भाजपा को चुनौती देते हुए कहा:

> “CBI, न्यायपालिका, केंद्रीय बल, चुनाव आयोग — सब हमारे खिलाफ हैं। फिर भी 10 करोड़ बंगाली हमारे साथ हैं। 2026 में हम पिछले बार से ज्यादा सीट जीतेंगे। अगर हिम्मत है तो बीजेपी 50 सीटें पार करके दिखाए।”

अभिषेक बनर्जी का यह भाषण स्पष्ट तौर पर भविष्य की चुनावी रणनीति और केंद्र के खिलाफ जनमत तैयार करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

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