ABVP के संघर्ष की हुई जीत, आरसीएस कॉलेज मंझौल में PG की पढ़ाई शुभ: छात्र नेता कन्हैया कुमार

 

मंझौल, बेगूसराय।  मंझौल नगर इकाई एवं आरसीएस कॉलेज मंझौल इकाई वर्षों से कॉलेज में पीजी की पढ़ाई के लिए संघर्षरत आंदोलन करने का आज महत्वपूर्ण तोहफा मिला। अब आरसीएस कॉलेज में पीजी की पढ़ाई इसी सत्र से आरंभ होगी। इसी अवसर पर छात्र नेता कन्हैया कुमार ने कहा कि विद्यार्थी परिषद साल के 365 दिन खासकर शिक्षा व्यवस्था को बेहतर करने के लिए एवं पठन-पाठन से जुड़े मुद्दों को लेकर लड़ाई लड़ी, जिसका आज हम सभी कार्यकर्ता को जीत मिला एवं यहाँ पढ़ रहे छात्र-छात्राओं के लिए सुनहरा अवसर है।

मैं विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय परिवार का एवं सहयोग करनेवाले सभी छात्र-छात्राओं को धन्यवाद देता हूँ। इससे आनेवाले समय में उच्च शिक्षा प्राप्त करने में मंझौल अनुमंडल एवं बखरी अनुमंडल के छात्र-छात्राओं को काफी लाभ मिलेगा। इसी अवसर पर आरसीएस कॉलेज पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष अमृतांशु कुमार, पूर्व छात्रसंघ कोषाध्यक्ष आदर्श भारती, जिला प्रमुख रविराज सिंह, नगर अध्यक्ष अविनाश कुमार एवं प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य अमित कुमार सिंह गप्पू ने कहा कि विद्यार्थी परिषद की संघर्ष की जीत हुई है। जिसमें महाविद्यालय का सहयोग विश्वविद्यालय का सार्थक प्रयास आज इस क्षेत्र के छात्र-छात्राओं के लिए खुशी का पल है और हम सभी आज सुखद महसूस कर रहे हैं। अब विद्यार्थी परिषद अन्य सभी बचे हुए विषयों में भी पीजी की पढ़ाई के लिए भी आगे संघर्ष करते रहेगा। जिला सहसंयोजक रवि कुमार, नगरमंत्री मुकेश कुमार व प्रांत छात्रा प्रमुख श्वेतनिशा ने कहा कि आरसीएस कॉलेज मंझौल में लगातार तीन बार विद्यार्थी परिषद ने छात्रसंघ चुनाव जीतकर अपना परचम लहराया था एवं यहाँ पढ़ रहे छात्र-छात्राओं से वादा किया था कि PG की पढ़ाई आरसीएस कॉलेज मंझौल में में होगी। इसके लिए बेगूसराय के सभी कार्यकर्ता महिला कॉलेज से लेकर आरसीएस कॉलेज, जिले के प्रमुख कॉलेज कैंपस में संघर्षरत रहा। जिसका आज जीता-जागता उदाहरण है। जिला प्रमुख रविराज सिंह, नगर अध्यक्ष अविनाश कुमार, जिला सोशल मीडिया संयोजक दीपू कुमार, श्यामजी, रिशुराज, प्रियांशु कुमार, सुमन कुमार, घनश्याम देव, शिवम कुमार, नीतीश कुमार, गोविन्द कुमार, धीरज कुमार, प्रांत सह सोशल मीडिया प्रमुख प्रियदर्शनी झा, विभाग छात्रा प्रमुख आँचल कुमारी, वर्षा कुमारी, शिवानी कुमारी, पूजा कुमारी, शगुन भारती, शालिनी राज, अंजली कुमारी आदि सैकड़ों कार्यकर्ता इस संघर्ष के सारथी रहे हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button