राघव चड्ढा के खिलाफ डिजिटल साजिश: कोर्ट
-सोशल मीडिया से अपमानजनक कंटेंट हटाने का आदेश
भारत पोस्ट संवाददाता
नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी से बीजेपी में शामिल राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने कोर्ट में याचिका दायर कर उन सोशल मीडिया पोस्ट्स को हटाने की मांग की थी, जिनमें झूठे तरीके से यह दिखाया जा रहा था कि उन्होंने अपनी राजनीतिक निष्ठा बदल ली है। राघव चड्ढा बनाम अशोक कुमार जॉन डो व अन्य मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि सांसद की सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंचाने के लिए कई प्रोफेशनल और इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग एजेंसियों का सहारा लिया जा रहा था। यह पूरा खेल कथित तौर पर पैसे देकर एक सुनियोजित साजिश के तहत रचा गया था।
सुनवाई के दौरान राघव चड्ढा के पक्ष की ओर से कोर्ट में पुख्ता सबूत पेश किए गए। इन सबूतों से साफ हुआ कि कई सोशल मीडिया अकाउंट्स और पेड इन्फ्लुएंसर्स ने कुछ ही मिनटों के भीतर एक जैसा अपमानजनक कंटेंट ताबड़तोड़ शेयर किया। मामले में राघव चड्ढा की ओर से पेश कानूनी टीम ने हाई कोर्ट के सिंगल जज के इस फैसले को बेहद स्वागत योग्य और ऐतिहासिक बताया है। वकीलों का कहना है, यह आदेश इस बात को पूरी मजबूती से पुख्ता करता है कि संविधान द्वारा दी गई अभिव्यक्ति की आजादी का इस्तेमाल किसी के खिलाफ पैसे देकर सुनियोजित मानहानि और चरित्र हनन का अभियान चलाने के लिए नहीं किया जा सकता। यह फैसला सार्वजनिक जीवन की गरिमा और ऑनलाइन मानहानि के खिलाफ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।


