चेतन आनंद की कारगुजारियों पर आनंद मोहन को सफाई देना चाहिए !
विचार विमर्श: घटनाक्रम
राजीव कुमार झा
पटना में आनंद मोहन के बेटे चेतन आनंद ने वहां एम्स में मरीजों से मिलने के लिए आने वाले आगंतुकों के लिए जो नियम कानून अस्पताल प्रबंधन के द्वारा तय किए गए हैं उन्होंने उसका उल्लंघन क्यों किया है, सबसे पहले इस बारे में आनंद मोहन को सफाई देना चाहिए। बिहार विधानसभा में भी उन्होंने राजद विधायक के रूप में पार्टी के प्रति अपनी निष्ठा और विश्वास का कभी ख्याल नहीं रखा और सरकार के प्रति अविश्वास प्रस्ताव का उल्लंघन किया। ऐसी प्रवृत्तियों से उनका नुकसान होगा। अपने साथ हथियारबंद लोगों को लेकर चलना कोई शेखी की बात अब नहीं मानी जाती है। आनंद मोहन भी हथियारबंद लोगों को अपना मित्र मानते रहे और बिहार पीपुल्स पार्टी बनाने के बाद उन लोगों के साथ राजनीति करके बिहार के मुख्यमंत्री पद पर आसीन होने का सपना देखा करते थे लेकिन अंततः उन लोगों ने उनको क ई
सालों के लिए जेल की सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। आनंद मोहन की कालेज की पढ़ाई लिखाई मुंगेर में हुई है। वहां अवधूत एकेडमी में शिक्षक के रूप में जब मैं कार्यरत था तो उनके साथ कालेज में पढ़ने वाले कुछ लोग भी उस स्कूल में कार्यरत थे और उनके बारे में अनेकों प्रकार की चर्चाएं मुझसे किया करते थे। खैर…
नीतीश कुमार की कृपा से अब आनंद मोहन तो जेल से बाहर हैं और यह भी अच्छा होगा कि चेतन आनंद भी हड़ताली डाक्टरों की मांग के अनुरूप सबसे माफी मांगकर हथियारबंद लोगों को लेकर हास्पिटल में कभी नहीं जाने का आश्वासन सबको दें ताकि लोग चैन की सांस ले सकें।




