भारतीय बुज़ुर्ग महिला को ‘मां’ बनाकर उसकी संपत्ति हड़पने का आरोप, बांग्लादेशी महिला पर गंभीर आरोप
अजित प्रसाद /उत्तर 24 परगना (पश्चिम बंगाल):
उत्तर 24 परगना ज़िले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ बांग्लादेश के खुलना क्षेत्र की रहने वाली जन्नातुल मंडल नामक एक महिला पर अवैध रूप से भारत में घुसकर एक भारतीय बुज़ुर्ग महिला की संपत्ति हड़पने का गंभीर आरोप लगा है।
जानकारी के अनुसार, जन्नातुल मंडल कई वर्ष पहले अवैध रूप से हिंगलगंज विधानसभा के हासनाबाद ब्लॉक, पश्चिम शिमुलिया ग्राम पंचायत के 15 नंबर बूथ के क्षेत्र में प्रवेश कर रहिमा सरदार और उनके पति फज़ेर अली सरदार के घर में शरण लेती है। दंपत्ति नि:संतान था, जिसका फायदा उठाकर जन्नातुल ने घर में अपनी जगह बना ली।
कुछ वर्षों बाद फज़ेर अली सरदार की मृत्यु हो जाती है। इसी बीच जन्नातुल मंडल रहिमा सरदार को अपनी ‘मां’ बताते हुए फर्जी दस्तावेज तैयार कर लेती है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इन नकली दस्तावेजों के आधार पर उसने न सिर्फ इलाके के एक भारतीय युवक से विवाह कर लिया, बल्कि रहिमा सरदार की पूरी संपत्ति हड़पने की साजिश भी शुरू कर दी।
आरोप है कि जन्नातुल मंडल, जो कि बांग्लादेश की नागरिक है, ने फर्जी पहचान पत्र, आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज बनवाए हैं और वृद्धावस्था पेंशन, लक्ष्मी भंडार, राशन समेत कई सरकारी योजनाओं का अवैध लाभ भी ले रही है।
रहिमा सरदार के परिजनों का दावा है कि संपत्ति हड़पने के लिए जन्नातुल मंडल पहले भी कई बार उन पर हमला कर चुकी है। रहिमा सरदार के पास तीन बीघा खेती की जमीन और दस कट्ठा पर बना घर है, जिसकी बाजार कीमत करोड़ों रुपये बताई जाती है—और इसी लालच में वृद्धा पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है।
“मेरे पति के गुजरने के बाद मेरा कोई नहीं है… मैं बेबस हूँ,”—हमसे मिलते ही रहिमा सरदार फूट–फूट कर रो पड़ीं।
वह दर–दर जाकर लोगों से अपनी संपत्ति बचाने की गुहार लगा रही हैं।
वृद्धा की मांग है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जाँच की जाए, एसआईआर की ठीक से पड़ताल हो और जन्नातुल मंडल के फर्जी दस्तावेज रद्द किए जाएँ।
रहिमा सरदार न्याय की उम्मीद में प्रशासन की ओर टकटकी लगाए बैठी हैं।



