बहू के मायके की पंचायत में दहेज की मांग और गालियों से आहत सास आत्म हत्या मामले में जांच शुरू
सुनील बाजपेई
कानपुर। दहेज के खिलाफ महिलाओं के लिए इतने कानून बनाने के बाद भी उनका उत्पीड़न और शोषण बंद नहीं हो रहा है। ऐसी एक घटना में मायके में हुई भारी पंचायत में दहेज की मांग को लेकर गालियों से आहत सास ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली। फिलहाल घटना में पुलिस ने मामले की जान शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार जांच में निकले निष्कर्ष के अनुसार ही अगली कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
दहेज की मांग से संबंधित दिल दहला देने वाली यह घटना नरवल थाना क्षेत्र के पाली गांव में हुई। जहां बहू के मायके में हुई पंचायत में ससुराल पक्ष से 25 लाख रुपये की मांग और गाली-गलौज से नाराज़ सास ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली।
पीड़ित पति अनिरुद्ध सिंह ने बताया कि बेटे का विवाह एक वर्ष पहले जामू थाना विधनू निवासी मुस्कान सिंह पुत्री रामराज सिंह के साथ हुआ था। शादी के बाद से ही पारिवारिक कलह चल रही थी और तलाक को लेकर विवाद होता रहा। 11 अगस्त को मुस्कान अपने मायके चली गई थी।
पुलिस के अनुसार बीते चार दिन पूर्व मुस्कान के परिजनों ने जामू गांव में पंचायत बुलाई थी। आरोप है कि पंचायत में ससुराल पक्ष से 25 लाख रुपये की मांग की गई और धमकी दी गई कि रकम नहीं देने पर दहेज प्रथा और यौन उत्पीड़न के झूठे मुकदमे में पूरे परिवार को फंसा दिया जाएगा। भरी पंचायत में भद्दी-भद्दी गालियां भी दी गईं।
इससे परेशान होकर अर्चना देवी कई दिनों से परेशान थी, क्योंकि बृहस्पतिवार को जामू गांव से एक व्यक्ति फिर संदेशा लेकर आया कि पैसे की व्यवस्था करे नहीं, तो वह लोग थाने जाकर मुकदमा दर्ज कराएंगे। इससे डरकर महिला ने जहरीला पदार्थ खा लिया। परिजन उन्हें निजी अस्पताल ले गए, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। जानकारी देते हुए पीड़ित पति अनिरुद्ध सिंह ने बताया कि बहू पहले ही जेवर और 70 हजार रुपये का आईफोन लेकर मायके चली गई थी। पुलिस ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज मामले की जांच की जा रही है।




