चाय श्रमिकों के अधिकार और वेतन पर केंद्र मुखर; मनसुख मंडाविया ने श्रम कानूनों पर दिया संदेशदार्जिलिंग /
अजित प्रसाद,सिलीगुड़ी :केंद्रीय श्रम एवं रोजगार, युवा मामले और खेल मंत्री मनसुख मंडाविया ने रविवार को चार नए श्रम कानूनों (Four Labour Codes) के लाभों पर विस्तार से चर्चा की। भारतीय चाय श्रमिक संघ द्वारा आयोजित एक सत्र को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि नए श्रम कानूनों के लागू होने से चाय बागान श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा, न्यूनतम वेतन और रोजगार के क्षेत्र में अधिक पारदर्शिता और सुविधाएं मिलेंगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि केंद्र सरकार श्रमिकों के कल्याण और उनके अधिकारों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।इस कार्यक्रम में दार्जिलिंग के सांसद राजू बिस्ता भी उपस्थित थे। उन्होंने इस मंच से तृणमूल कांग्रेस के अखिल भारतीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी पर तीखा हमला बोला। गौरतलब है कि हाल ही में अलीपुरद्वार जिले में चाय श्रमिकों के साथ बैठक के दौरान अभिषेक बनर्जी ने दावा किया था कि यदि उनकी पार्टी पूरी शक्ति के साथ इस मुद्दे पर आगे बढ़ती है, तो एक महीने के भीतर त्रिपक्षीय बैठक बुलाई जाएगी और चाय श्रमिकों की दैनिक मजदूरी बढ़ाकर 300 रुपये की जाएगी।अभिषेक बनर्जी के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए राजू बिस्ता ने कहा, “चाय श्रमिकों की मजदूरी में वृद्धि करना पूरी तरह से राज्य सरकार का विषय है। केंद्र सरकार श्रमिकों के कल्याण के लिए विभिन्न योजनाएं तो चला सकती है, लेकिन वास्तविक वेतन निर्धारित करने की जिम्मेदारी राज्य सरकार के पास ही होती है।”यह विवाद तब शुरू हुआ जब शनिवार को अलीपुरद्वार में एक जनसभा के दौरान अभिषेक बनर्जी ने चाय श्रमिकों की समस्याओं के लिए सीधे तौर पर मौजूदा व्यवस्था को जिम्मेदार ठहराया था। अब केंद्र और राज्य के बीच चाय श्रमिकों के हक और उनकी मजदूरी को लेकर जुबानी जंग तेज हो गई है।


