सस्ता लोन, बढ़ती उम्मीदें: रेपो रेट घटने से घर खरीदारों को मिलेगी राहत

 

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भारतीय रिज़र्व बैंक ने अर्थव्यवस्था को सहारा देने और लोगों को कुछ राहत प्रदान करने के उद्देश्य से रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट की कमी कर इसे 5.25% कर दिया है। इससे बैंकों और उपभोक्ताओं के लिए लोन की लागत थोड़ी कम होने की संभावना है। RBI ने अपनी नीति का रुख न्यूट्रल रखा है, जो आगे भी संतुलित और स्थिर कदमों का संकेत देता है। कुल मिलाकर, यह निर्णय बाजार में तरलता को सहज बनाए रखने और आर्थिक गतिविधियों को समर्थन देने की दिशा में एक सकारात्मक प्रयास है।

रियल एस्टेट डेवलपर्स का मानना है कि यह कदम घर खरीदने वालों के विश्वास को थोड़ा और मजबूत कर सकता है, खासकर किफायती और मिड-इनकम सेगमेंट में। उनके अनुसार, कम ब्याज दरों का फायदा बाजार में स्थिर मांग बनाए रखने में मदद करेगा। कुल मिलाकर, विशेषज्ञ इस नीति को आर्थिक गतिविधियों को संबल देने वाला एक सकारात्मक संकेत मानते हैं।

प्रदीप अग्रवाल, संस्थापक एवं चेयरमैन, सिग्नेचर ग्लोबल (इंडिया) लिमिटेड, ने कहा, “हम आरबीआई के 25 बेसिस प्वाइंट की कटौती करके रेपो रेट को 5.25% करने के फैसले का स्वागत करते हैं, खासकर जब महंगाई में कमी दिख रही है। यह कदम आर्थिक विकास की मौजूदा रफ्तार को और मजबूत करेगा और मांग व निवेश गतिविधियों को बढ़ावा देगा। रियल एस्टेट सेक्टर लगातार अच्छी वृद्धि दिखा रहा है, क्योंकि इससे पहले रिजर्व बैंक ने कुल 100 बेसिस प्वाइंट की रेपो रेट में कटौती की थी, बजट में आयकर में राहत दी गई थी और साल की शुरुआत में जीएसटी दरों को भी सरल किया गया था। इन सबने न सिर्फ होम लोन सस्ते किए, बल्कि घर खरीदने वालों के लिए किफायत भी काफी बढ़ा दी।”

विकास भसीन, प्रबंध निदेशक, साया ग्रुप, ने कहा ,”आरबीआई द्वारा 25 बेसिस प्वाइंट की ब्याज दर में कटौती अर्थव्यवस्था के लिए सही समय पर मिली बड़ी राहत है और यह वित्तीय स्थिति के आसान होने का साफ संकेत है। इससे कर्ज लेने वालों की ईएमआई कम होगी और उनके पास नकदी की स्थिति बेहतर होगी। घर खरीदारों के लिए यह कदम घर खरीदना और ज्यादा किफायती बनाएगा और उनकी खरीद क्षमता बढ़ाएगा। ब्याज दरें घटने से अब खासकर मिड-इनकम और पहली बार घर खरीदने वाले खरीदारों के बीच आवासीय मांग में एक बार फिर तेजी आने की उम्मीद है।”

अशोक कपूर, चेयरमैन, कृष्णा ग्रुप और क्रिसुमी कॉर्पोरेशन, ने कहा, “25 बेसिस पॉइंट की रेपो रेट में कटौती भारत में वर्तमान निम्न मुद्रास्फीति के माहौल और स्थिर विकास दृष्टिकोण के अनुरूप है। पिछले कुछ तिमाहियों में लग्ज़री हाउसिंग सेगमेंट में एंड-यूज़र्स की ओर से मजबूत मांग देखी गई है, जिसमें बढ़ती आय और लाइफस्टाइल-केंद्रित जीवनशैली की ओर झुकाव प्रमुख कारण रहे हैं।

कम ब्याज दरें उन ग्राहकों के लिए वहनीयता को और बढ़ाएंगी जो बेहतर डिज़ाइन, एकीकृत सुविधाओं और दीर्घकालिक संपत्ति मूल्य प्रदान करने वाले उच्च-गुणवत्ता वाले घरों में अपग्रेड या निवेश करना चाहते हैं।”

जश पंचमिया , एग्ज़िक्यूटिव डायरेक्टर, जेपी इन्फ्राटेक लिमिटेड, ने कहा ,”आरबीआई द्वारा रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट की कटौती का निर्णय बिल्कुल उचित समय पर आया है। महंगाई नियंत्रण में होने और अर्थव्यवस्था के स्थिर रूप से आगे बढ़ने के बीच यह कदम विभिन्न क्षेत्रों में खपत को बढ़ावा देने की उम्मीद पैदा करता है, जिससे समग्र आर्थिक विकास को मजबूती मिलेगी।

हाउसिंग सेक्टर, विशेष रूप से किफायती और मिड-सेगमेंट आवास, इस फैसले से लाभान्वित होगा, क्योंकि कम होम लोन दरें सतर्क खरीदारों को खरीद निर्णय लेने के लिए प्रोत्साहित कर सकती हैं। इसके परिणामस्वरूप गुणवत्तापूर्ण घरों की मांग में सकारात्मक वृद्धि देखने को मिल सकती है, जो बाज़ार गतिविधि को और मजबूत करेगी, निवेश भावना को समर्थन देगी और रियल एस्टेट इकोसिस्टम में दीर्घकालिक भरोसा बढ़ाने में मदद करेगी।”

सुमित अग्रवाल, निदेशक, ऐशटेक ग्रुप ने कहा कि 25 बेसिस प्वाइंट की ब्याज दर में कटौती उधार लेने वालों के लिए एक अच्छी खबर है। इससे ईएमआई का बोझ कम होगा और लोन लेना और आसान हो जाएगा। पिछले साल की शुरुआत में जो होम लोन की दरें 9% से ऊपर चली गई थीं, वे अब 7.5% से नीचे आ चुकी हैं। इस कटौती के बाद, हम उम्मीद करते हैं कि दरें लगभग 7% से 7.25% तक पहुंच सकती हैं जो घर खरीदने वालों के लिए काफी आकर्षक स्तर है। कम ब्याज देने से कई लोगों के लिए घर खरीदने का फैसला लेना आसान हो जाता है। आरबीआई का यह मजबूत कदम ग्राहकों का भरोसा बढ़ाएगा और बड़े शहरों के हाउसिंग मार्केट में मांग को बढ़ावा देगा।

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