आओ यह संसार फिर से चलाएं !
भोलाजी मनमोहन: आप का अपना मन !
आओ ये संसार फिर से चलाएँ !
आप को यह बात बड़ी अजीब लग सकती है !
और लगे भी क्यों न !
फिर भी !
पढ़ लेते हैं और जान लेते हैं कि यह बात उठी क्यों !
आओ यह संसार फिर से चलाएं !
अमित शाह जी की इच्छानुसार !
लेकिन क्यों ?
उन्होंने कुछ दिन पहले लोकसभा में कहा था कि अगर वे 1947 में होते, तो तत्कालीन भारत का विभाजन नहीं होता!
मेरा प्रश्न है ?
वे वहाँ क्यों नहीं थे ?
इसके लिए कौन ज़िम्मेदार है ?
अमित शाह जी खुद !
या उनके माता-पिता !
या दादा-दादी !
या उनकी समझ और उनकी समझ के पीछे की कोई और अज्ञात ताकत !
सभी माननीय सदस्यों को अपने बहुमूल्य विचार साझा करने के लिए आमंत्रित किया जाता है !
यह सिर्फ एक शुरूआती सवाल है !


