चांचल ( पश्चिम बंगाल )में उमड़ा जनसैलाब, शुभेंदु अधिकारी ने फूंका ‘परिवर्तन संकल्प’ का शंखनाद; ममता सरकार पर तीखा हमला
विपक्षी एकता और 'भगवा लहर' का जोरदार प्रदर्शन
अजित प्रसाद,चांचल (मालदा) : विधानसभा चुनाव 2026 के मुहाने पर खड़े पश्चिम बंगाल में आज विपक्षी एकता और ‘भगवा लहर’ का जोरदार प्रदर्शन देखने को मिला। मालदा उत्तर संगठनात्मक जिले के आह्वान पर चांचल के कलमबागान मैदान में आयोजित “परिवर्तन संकल्प सभा” में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने हजारों समर्थकों की उपस्थिति में ममता सरकार को उखाड़ फेंकने का आह्वान किया।
शुभेंदु अधिकारी ने अपने संबोधन में तृणमूल कांग्रेस सरकार को “स्वैच्छिक और जनविरोधी” करार दिया। उन्होंने राज्य भर में हो रही चोरी, भ्रष्टाचार, हत्या और विशेष रूप से महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों का जिक्र करते हुए कहा कि बंगाल की जनता अब इस शासन से मुक्ति चाहती है। नेता प्रतिपक्ष ने SIR (Special Intensive Revision) के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ दल मतदाता सूची में हेरफेर करने के लिए सफेद झूठ का सहारा ले रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा हर बूथ पर इस धांधली के खिलाफ लड़ेगी और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करेगी। उल्लेखनीय है कि इस सभा को पहले पुलिस की अनुमति नहीं मिली थी, जिसके बाद भाजपा ने अदालत का दरवाजा खटखटाया था। शुभेंदु ने इसे लोकतंत्र की जीत बताते हुए कहा, “पुलिस और प्रशासन का दुरुपयोग कर आवाज को दबाया नहीं जा सकता। आज का यह ‘गेरुआ तूफान’ बता रहा है कि मालदा और पूरा बंगाल परिवर्तन के लिए तैयार है।” इसके साथ ह भाजपा के सत्ता में आने पर मनरेगा (100 दिन का काम) को बढ़ाकर 200 दिन करने और समय पर भुगतान का वादा हर गरीब को 3 लाख रुपये की लागत वाला पक्का मकान देने का आश्वासन दिया गया ।राज्य में मेधा के आधार पर पारदर्शी तरीके से नौकरियां देने का संकल्प दर्शाया गया । शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी पर तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए उन्हें ‘हिंदू विरोधी’ बताया। उन्होंने सनातन धर्म के रक्षकों और स्थानीय आदिवासी समाज से एकजुट होने की अपील की ताकि 2026 में एक ‘राष्ट्रवादी सरकार’ का गठन हो सके।सभा के अंत में उन्होंने हुंकार भरते हुए नारा दिया— “अन्याय के खिलाफ परिवर्तन, भ्रष्टाचार के खिलाफ संकल्प—2026 में भाजपा की सरकार।”




